पिलाटेज़ है फिटनेस के लिए बेहतरीन वर्कआउट


पिलाटेज़ वर्कआउट का मकसद हमारे बॉडी के कोर मसल्स जैसे एब्डोमेन कमर हिप्स और थाई मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाना है। पिलाटेज़ की प्रैक्टिस आप आसानी से मैट या कुछ खास तरह की मशीनों पर सकते हैं। पिलाटेज़ सेलिब्रिटीज़ के फेवरेट वर्कआउट में शामिल है। पिलाटेज़ कैलोरी बर्न करने का बहुत ही आसान और फायदेमंद वर्कआउट है। जिसमें आपको जिम की हैवी मशीनों की जरूरत नहीं होती। तो, अगर आप जिम जाए बगैर वजन कम करना aचाहते हैं तो पिलाटेज़ बेस्ट है। पिलाटेज़ हमारे कोर मसल्स जैसे एब्डोमेन, कमर, हिप्स और जांघों की मसल्स पर काम करता है। इससे aपोस्चर, बैलेंस और फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती और सुधरती है। पिलाटेज़ की प्रैक्टिस मैट पर या खास मशीनों पर किया जा सकता है।

जरूरत के अनुसार मूव्स न करना

पिलाटेज़ करते हुए हम इसके वही मूव्स करने लगते हैं, जो हमें पसंद हैं। जबकि सबसे पहले हमें अपनी जरूरत के अनुसार इसके मूव्स को बदलना चाहिए। जैसे अगर आप कंप्यूटर वर्क करती हैं तो पिलाटेज़ करते हुए कंधों को घुमाएं। ऐसे में आपके लिए कर्ल अप करना फायदेमंद नहीं होगा।

वॉर्मअप न करना

पिलाटेज़ शुरु करने से पहले कई लोग वॉर्मअप नहीं करते। पिलाटेज़ आपकी कोर एक्सरसाइज़ का हिस्सा है। वर्कआउट के दौरान बॉडी के तापमान और हार्ट रेट में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी हो जाती है। अगर यह बढ़ोत्तरी अचानक से होगी तो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। वॉर्मअप करने से आपका शरीर पिलाटेज़ को सही तरीके से करने के लिए तैयार होगा।

इसके ज्यादा सेट्स करना

कुछ लोगों को लगता है कि जितनी बार यह वर्कआउट किया जाए, उतना फायदा होता है। अगर आप भी ऐसा सोचकर पिलाटेज़ के ज्यादा सेट्स करते हैं, तो यह जान लें कि इससे फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है। ज्यादा जंप करने से मसल्स डैमेज होती है। इसलिए इसे अपनी कार्यक्षमता के अनुसार करें।


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