खतरे में कोस्टल रोड परियोजना !

मुंबई

मनपा द्वारा निर्माण किए जा रहे कोस्टल परियोजना में आड़े आने वाले 600 पेड़ों को काटने का निर्णय लिया गया है। पेड़ काटे जाने के फैसले को लेकर पर्यावरणविद एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। आरे में पेड़ काटने का विरोध करने के लिए पर्यावरण कार्यकर्ताओं का समर्थन करने वाली शिवसेना अब पर्यावरण कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गयी है। मनपा आयुक्त की अध्यक्षता वाली वृक्ष प्राधिकरण समिति में 600 पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव है। जिसको लेकर पर्यावरण प्रेमी सरकार से नाराज हैं। मनपा के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को मुंबई उच्च न्यायालय में जाने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि नरीमन पॉइंट से बोरीवली तक बीएमसी कोस्टल रोड का निर्माण  कर रही है। इसके लिए समुद्र में को पाटने का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है, पेड़ों को भी काटा जा रहा है।

 इस परियोजना के कारण पर्यावरण क्षरण और मछली पकड़ने में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका याचिका में जताई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ कोस्टल रोड के काम की अनुमति दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समुद्र को बिना पाटे और सड़क पर कोई काम किए बिना काम पूरा किया जाना चाहिए. लेकिन आरोप लगाया जा रहा है कि अदालत के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है.


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