गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

अफवाह से बचें : आरएन ‌सिंह

R N singh

आज गणतंत्र दिवस है। पिछले एक साल से देश और दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरंेद्र मोदी के कुशल नेतृत्‍व मंे हमने इस महामारी से इतनी शानदार लड़ाई लड़ी, जिसकी दुनिया वाहवाही कर रही है। हमारे यहां संक्रमितों के सुधार का आंकड़ा दुनिया मंे सबसे ज्‍यादा रहा और मृत्‍युदर भी काफी कम रही है। रोज कोरोना दम तोड़ रहा है। यह राहत की बात है। यही नहीं, हमने रिकाॅर्ड समय मंे दुनिया मंे सबसे किफायती दो-दो वैक्‍सीन भी तैयार की है। अब हमारे देश मंे वैक्‍सीनेशन शुरू हो गया है। हमारे वैक्‍सीन की मांग दुनिया भर मंे हो रही है। बावजूद इसे लेकर कांग्रेस, सपा नेताओं द्वारा भ्रम फैलाना, अविश्‍वास जताना ‌िनंदनीय है। ऐसा हास्यास्पद और आधारहीन विरोध इनका ही नुकसान करेगा। ॑दुनिया-देश के सारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि वैक्‍सीन पूरी तरह सुर‌िक्षत है। अब तक लाखों लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है। इसलिये हमंे बेझिझक वैक्‍सीन लगवाना चाहिये और हमेशा-हमेशा के लिये कोरोना को अपने बीच से भगाना चाहिये। हमंे राहुल गांधी, अखिलेश यादव के सब्‍जबाग मंे नहीं आना है। ॑

इस साल दूसरी बाधा सीमा पार से चीन द्वारा खड़ी की गई, जिसका भी करारा जवाब हमारी सेना और सुरक्षा बलों द्वारा दिया गया और अब भी हमारी पैनी नजर उन पर है। प्रधानमंत्री नरंेद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रोज चीन को चेता रहे हैं कि उसे अपनी विस्‍तारवादी नीति से तौबा करना होगा नहीं तो करारा जवाब मिलेगा।

तीसरी बात किसान आंदोलन से संबंधित है। दो राज्‍यों को छोड़ अधिकांश किसान कृषि कानूनों को किसानों और कृषि को नव संजीवनी देने वाला मानते हैं। बावजूद इसके लगातार उसे रद्द करने की मांग सिर्फ और सिर्फ राजनीति है। कांग्रेस, सपा-बसपा, वाम दल आदि विपक्ष जब जनमत से प्रधानमंत्री नरंेद्र मोदी नीत केंद्र सरकार को नहीं डिगा पा रहे हैं तो आंदोलन भड़का रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार उसी दिन से बात कर रही है, जब आंदोलन शुरू होने की सुगबुगाहट थी। बातचीत मंे जाना और हर प्रस्‍ताव को नजरअंदाज कर सिर्फ रद्द करने की मांग पर अड़े रहना किसी भी दृष्‍टि से सही नहीं है। कारण देश का बहुसंख्‍यक किसान भी आपसे सहमत है ऐसा नहीं है। तो हमंे इस गणतंत्र दिवस पर यही संकल्‍प लेना है कि विपक्ष और निहित स्‍वार्थी तत्‍वों द्वारा चाहे वैक्‍सीन हो या कृषि आंदोलन सब मंे भ्रम फैलाकर अपना राजनैतिक उल्लू सीधा करने का जो ओछा खेल खेला जा रहा है, उसे सफल नहीं होने देना है। वैक्‍सीन बनाकर हमने देश को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा मंे मजबूत कदम बढ़ाया है और कृषि कानून किसानों की प्रगति के द्वार खोलने वाला है। इसमंे जो भी व्यवधान बने वह चाहे राजनीतिक दल हों या निहित स्वार्थी तत्‍व सबको नाकाम करना और देश के आत्‍मनिर्भर बनने के अभियान को बल देना हम सबका प्राथमिक कर्तव्‍य है। प्रधानमंत्री ने शुरू से ही देश को आत्‍मनिर्भर बनाने, गांव-शहर सबको विकास के सवोच्‍च शिखर पर पहंुचाने का बीड़ा उठाया है और उस पर चल रहे हैं। हम भी देश के चहुंमुखी विकास के इस पावन कार्य मंे हर संभव योगदान देने का संकल्‍प लंे, यही गणतंत्र दिवस पर कामना। गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर महाराष्‍ट्र सहित पूरे देश के हिंदी भाषी समाज के साथ-साथ हर भारतवासी एवं Òहमारा महानगरÓ के सुधी पाठकों, विज्ञापनदाताओं और शुभचिंतकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देता हंू।

जय हिंद!

- आरएन सिंह

विधायक : भाजपा

अध्‍यक्ष  : उत्तर भारतीय संघ, मुंबई

सीएमडी : बीआईएस

संपादक : 'हमारा महानगर'


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