राज्यों में पहुंचने लगी वैक्सीन

दिल्ली, अहमदाबाद समेत सात शहरों में पहुंची पहली खेप, 13 शहरों में होगी डिलीवरी

vaccine

पुणे

कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड की पहली खेप मंगलवार सुबह पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। इससे पहले पूजा भी की गई। पुणे एयरपोर्ट से वैक्सीन के 478 बॉक्स देश के 13 शहरों में भेजे गए हैं। दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना, मोहाली और कोलकाता में वैक्सीन पहुंच चुकी है। लोकल ट्रांसपोर्टेशन में लगे वाहन Z+ सिक्योरिटी के साथ चल रहे हैं।

56.5 लाख डोज डिलीवर होंगे

उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पुणे से एयर इंडिया, स्पाइसजेट गोएयर और इंडिगो एयरलाइंस की नौफ्लाइट्स से वैक्सीन के 56.5 लाख डोज अलग-अलग शहरों में भेजे जा रहे हैं। ये शहर दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलॉन्ग, अहमदाबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर, पटना, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ हैं।

आम लोगों को कब लगेगी वैक्सीन?

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही वैक्सीन दी जाएगी। इसके बाद सरकार ने देश के करीब 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की रूपरेखा तैयार की है। हालांकि आम लोगों को वैक्सीन के लिए अभी कम से कम अगले छह महीने तक का इंतजार करना होगा। यह भी साफ हो गया है कि वैक्सीन को किसी निजी अस्पताल में लगाने की इजाजत फिलहाल नहीं दी जा रही है। सरकार वैक्सीन के काम को अपनी देखरेख में ही अंजाम देगी। आम लोगों के लिए जुलाई तक वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

देशभर में होंगे 28 हजार  वैक्सीनेशन प्वाइंट

वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से डील पूरी होने के बाद इन्हें देश के अलग-अलग 31 मेन हब में रखा जाएगा। ये हब देश के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए हैं। इसके बाद इन वैक्सीन को यहां से देश के 28 हजार वैक्सीनेशन प्वाइंट पर भेजा जाएगा। ये प्वाइंट अलग-अलग राज्यों में हैं। जरूरत पड़ने पर वैक्सीनेशन प्वाइंट की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस से लड़ाई में भारत की भूमिका अहम रही है। पहले हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (HCQ) की सप्लाई में भारत सबसे आगे रहा था। अब कोरोना वायरस वैक्सीन की सप्लाई में भी दूसरे देशों से आगे रहने वाला है। कई देशों ने अभी से भारत से सरकारी स्तर पर डील करने का अनुरोध किया है। वहीं, कुछ देश सीधे कोरोना वैक्सीन बना रही कंपनियों से डील कर रहे हैं।

कम और मध्यम आय वाले अधिकांश देशों को गावी-कोवैक्स अलायंस के जरिए वैक्सीन मिलेगी। इस कैटेगरी में 92 देश हैं और इन्हें दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन में अधिकांश हिस्सा भारत का रहने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दोहराया कि भारत में बनी दो वैक्सीन इमरजेंसी अप्रूवल पा चुकी हैं और अब भारत मानवता को बचाने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है।

मोदी ने प्रवासी भारतीय दिवस पर कहा था कि भारत पीपीई किट्स, मास्क, वेंटिलेटर और टेस्टिंग किट्स बाहर से मंगा रहा था। पर अब देश आत्मनिर्भर है। आज भारत दो मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन के साथ मानवता को बचाने के लिए तैयार है।


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