मेकअप में प्राइमर की कितनी और क्यों ज़रूरत होती है?


मेकअप ने कई मेकअप एक्सपर्ट्स को कहते सुना होगा कि प्राइमर एक जादुई प्रॉडक्ट है. बावजूद इसके प्राइमर को मेकअप की दुनिया में वह महत्व नहीं मिलता, जिसका वह हक़दार है. ख़ैर, प्राइमर की सबसे अच्छी बात यह है कि यह उन लड़कियों के लिए बड़े काम का ब्यूटी प्रॉडक्ट है, जिनकी त्वचा ऑयली है. अगर त्वचा के ऑयली होने के चलते आपका मेकअप लगाने के कुछ घंटों में ही पिघलना शुरू कर देता हो तो आपके स्किनकेयर रूटीन का अंतिम स्टेप प्राइमर लगाना होना चाहिए. चलिए प्राइमर के तीन बेमिसाल फ़ायदों के बारे में जान लेते हैं, ताकि आपको इसके महत्व के बारे में ख़ुद अंदाज़ा हो जाए. 

प्राइमर का पहला फ़ायदा: यह मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखता है 

मेकअप का नेगेटिव पहलू क्या है? वह पिघलने लगता है, स्किन के ऑयलीनेस की मेहरबानी से. हम कह सकते हैं आपके शानदार मेकअप और त्वचा के ऑयलीनेस में पैदाइशी दुश्मनी है. पर आप जानती हैं, प्राइमर एक ऐसा प्रॉडक्ट है, जो आपके मेकअप को भद्दा दिखने और आपको शर्मसार होने से बचा सकता है. क्लेंज़िंग-टोनिंग-मॉइस्चराइज़िंग रूटीन के ख़त्म होते ही अपनी त्वचा को एक-दो मिनट तक मॉइस्चराइज़र को एब्ज़ॉर्ब करने का समय दें. ऐसा करने से न केवल आपकी त्वचा की नमी बरक़रार रहेगी, बल्कि वह नर्म और मुलायम भी बनेगी. उसके बाद प्राइमर का रुख़ करें. अपने हाथ के पीछे की तरफ़ मटर के दाने जितना प्राइमर निकालें. उसके बाद उसे फ़िंगरटिप की मदद से अपने चेहरे और गले पर एक समान ढंग से लगाएं. आंखों के आसपास के एरिया पर फ़ोकस करना न भूलें.

दूसरा फ़ायदा: यह पोर्स यानी त्वचा के रोमछिद्रों को छुपाता है 

अगर आपकी त्वचा ऑयली है, आपने ध्यान दिया होगा कि कैसे आपके पोर्स (रोमिछद्र) फ़ाउंडेशन लगाने के बाद और भी ज़्यादा दिखने लगते हैं. यह तब और भी बुरा हो जाता है, जब आप ख़ुद को चेहरे को सूरज की रौशनी में देखती हैं. प्राइमर की सबसे अच्छी बात यह है कि यह पोर्स को काफ़ी हद तक छुपा देता है. जब भी आपको कहीं बाहर जाना हो या शाम की किसी पार्टी में जाना हो, तब एक प्राइमर आपको बेदाग़ ख़ूबसूरती और दमकती त्वचा देने में मदद कर सकता है. 

प्राइमर का तीसरा फ़ायदा: यह मैट लुक पाने में आपकी मदद करता है 

ऑयली त्वचा आपके चेहरे को ग्रीसी और चमकीला बना देती है. ऑयल कंट्रोल करने के लिए जेल बेस्ड प्राइमर लगाएं. इसमें ऑयल एब्जॉर्ब करने का गुण होता है. मॉइस्चराइज़िंग के बाद चेहरे पर इसे लगाने से यह त्वचा की नैचुरल ऑयल को कंट्रोल करता है. ऐसा वह पोर्स को भरकर करता है. यह फ़ाउंडेशन और आपकी त्वचा के बीच एक दीवार का काम 

करता है. 


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