एल्गार परिषद को पुलिस की अनुमति

मुंबई

आगामी 30 जनवरी को पुणे में एल्गार परिषद के आयोजन को पुलिस ने आखिरकार अनुमति प्रदान कर दी है। इस परिषद का आयोजन स्वारगेट स्थित श्री गणेश क्रीड़ा कला मंच में किया जाएगा। कोरोना की वजह से परिषद में केवल 200 लोग ही उपस्थित हो सकेंगे।  

सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीजी कोलसे पाटिल ने 31 दिसंबर को एल्गार परिषद के आयोजन की अनुमति के लिए पुणे की स्वारगेट पुलिस को आवेदन किया था, लेकिन उस वक्त पुलिस ने कानून और व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद कोलसे पाटिल ने आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। आखिरकार एक माह बाद कुछ शर्तों के साथ एल्गार परिषद आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी। कोरोना के प्रकोप के कारण परिषद में केवल 200 लोगों के शामिल होने की मंजूरी होगी। आयोजकों को यह ध्यान रखना होगा कि परिषद की वजह से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।

बता दें कि 31  दिसंबर 2017 को पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा में एल्गार परिषद का आयोजन किया गया था। पुलिस का आरोप है कि परिषद में भड़काऊ भाषणों और बयानों के कारण भीमा-कोरेगांव गांव में एक जनवरी 2018 को हिंसा भड़की थी, इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। अगस्त 2018 को पुणे पुलिस ने माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर पांच कार्यकर्ताओं कवि वरवर राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंजाल्विस को गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि इस सम्मेलन के कुछ समर्थकों के माओवादी से संबंध हैं। ब्राह्मण महासंघ ने रविवार को पुणे के स्वारगेट पुलिस को एक ज्ञापन देकर कहा कि एक माह में क्या फर्क पड़ गया कि आपने एल्गार परिषद की अनुमति दे दी। 


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget