अश्विन-विहारी ने छीना ऑस्ट्रेलिया से मैच


सिडनी

चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की शतकीय साझेदारी टूटने से जीत की उम्मीदें धूमिल पड़ने के बाद हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन ने क्रीज पर पांव जमाये जिससे भारत सोमवार को यहां तीसरा टेस्ट क्रिकेट मैच ड्रा कराकर आस्ट्रेलिया पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने में सफल रहा। विहारी ने पांव की मांसपेशियों में खिंचाव आने के बावजूद अश्विन के साथ अंतिम सत्र में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करके उसकी जीत की उम्मीदों पर पानी फेरा। हनुमा ने लगभग चार घंटे क्रीज पर बिताकर अपने नाबाद 23 रन के लिये 161 गेंदें खेली, जबकि अश्विन ने 128 गेंदों पर नाबाद 38 रन बनाये। दोनों ने लगभग 42 ओवरों का सामना करके छठे विकेट के लिये 62 रन जोड़े। इससे पहले पुजारा ने 205 गेंदों पर 77 रन बनाये थे, जबकि विहारी से पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे गये पंत ने आक्रामक अंदाज दिखाकर 118 गेंदों पर 12 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 97 रन बनाये। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिये 148 रन जोड़े। भारत ने 407 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिर में 131 ओवरों में पांच विकेट पर 334 रन बनाये। जब मैच में एक ओवर बचा हुआ था तब दोनों टीमें ड्रा पर सहमत हो गयी। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 338 रन बनाये थे और दूसरी पारी में छह विकेट पर 312 रन बनाकर समाप्त घोषित की। भारत ने पहली पारी में 244 रन बनाये थे। रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे इस मैच के ड्रा होने के बाद चार मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबरी पर है। अब ब्रिस्बेन में 15 जनवरी से शुरू होने वाला चौथा और अंतिम टेस्ट मैच निर्णायक बन गया है। पुजारा जब दूसरे सत्र के आखिर में आउट हुए तब दिन के लगभग 43 ओवर बचे हुए थे। भारत लक्ष्य से 137 रन दूर था, लेकिन रविंद्र जडेजा चोटिल थे और ऐसे में हमलावर तेवर अपनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने पुछल्ले बल्लेबाजों को लाना बुद्धिमतापूर्ण नहीं होता। ऐसे में भारत ने ड्रा के लिये बल्लेबाजी की तथा विहारी और अश्विन ने टीम की रणनीति पर बखूबी अमल किया। ऑस्ट्रेलिया ने शार्ट पिच गेंदें की, लगातार अपील करके दबाव बनाया, गेंदबाजी में लगातार बदलाव किये, लेकिन विहारी और अश्विन की एकाग्रता भंग नहीं हुई। केवल एक बार विहारी ने मौका दिया था, लेकिन तब टिम पेन कैच लेने में नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने इससे पहले पंत को भी दो जीवनदान दिये थे। भारत ने हालांकि कप्तान अंजिक्य रहाणे (चार) का विकेट सुबह दिन के दूसरे ओवर में गंवाने के बावजूद जीत की रणनीति अपनायी थी। यही वजह थी कि पुजारा को क्रीज पर पांव जमाने और पंत को अपने शॉट खेलने की छूट दी गयी थी। 

पंत और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ आफ स्पिनर नाथन लियोन के बीच जंग दर्शनीय थी। पंत ने शुरुआती लगभग 35 गेंद तक सतर्क रवैया अपनाया लेकिन फिर लियोन के खिलाफ कदमों का इस्तेमाल करते हुए लांग आन पर छक्का और तीन चौके मारे। टिम पेन ने इसके बाद लियोन का छोर बदला लेकिन पंत ने लांग आफ और लांग आन के ऊपर से उन पर दो और छक्के जड़ दिये। पुजारा ने भी इस आफ स्पिनर पर दो चौके मारे।


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