संगठन का पद छोड़ो फिर लड़ो पंचायत चुनाव

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को मजबूती से तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पदाधिकारियों को मैदान में उतरने की छूट दे दी है, परंतु इच्छुक नेताओं को संगठन का पद छोड़ना होगा। जिलों में चुनाव लड़ने के मजबूत दावेदारों को तलाशने के लिए वरिष्ठ नेताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास करने को कहा गया है। पंचायत चुनाव को विधानसभा निर्वाचन का पूर्वाभ्यास मान रही भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ बढ़ाने का माध्यम भी मान लिया है। चुनाव समिति की बैठक में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारने का फैसला लिया गया। चुनाव लड़ने के इच्छुक मजबूत दावेदारों के नाम जुटाने को कहा गया है। 

संचालन समिति सदस्य नहीं लड़ सकेंगे चुनाव 

अधिकतम कार्यकर्ताओं को चुनाव में आजमाने के लिए पदाधिकारियों को उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी, परंतु परिजनों को मौका नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा जिला, क्षेत्र व प्रदेश में बनी पंचायत चुनाव संचालन समिति के सदस्यों व संयोजकों को खुद चुनाव लड़ने की मनाही है। पंचायत चुनाव को भी भाजपा पूरे दमखम के साथ लड़ेगी। चुनाव के मद्देनजर पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने खुद भी सूबे में डेरा जमा लिया है। उनका कहना है कि जब से केंद्र में मोदी सरकार है, तब से उत्तर प्रदेश के गांवों के लिए कहीं अधिक धनराशि दी गई है।


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