डीएनए जांच की बढ़ेगी रफ्तार

पटना

बिहार में डीएनए जांच की रफ्तार बढ़ेगी। फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) में डीएनए जांच की दूसरी यूनिट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अपराध अनुसंधान विभाग ने राज्य सरकार को डीएनए जांच की नई यूनिट लगाने का प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल सकती है। 

बिहार में डीएनए जांच के लिए वर्ष 2012 में पटना स्थित एफएसएल में एक मशीन लगाई गई और वैज्ञानिकों को बहाल किया गया। इसके अगले वर्ष यानी 2013 में जांच शुरू हुई। हर मशीन की क्षमता तय रहती है। अधिकारियों के मुताबिक यह अगले दो साल तक चल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि दूसरी यूनिट पहले ही लगा ली जाए। इसी के मद्देनजर डीएनए जांच के लिए नई मशीन लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। डीएनए की जांच महंगी होती है। एक तो इसकी मशीन कीमती होती है दूसरे इसमें इस्तेमाल किए जानेवाले केमिकल भी कीमती होते हैं। 

एफएसएल में नई मशीन लगाने के लिए जो प्रस्ताव दिया गया है उसके मुताबिक इस पर करीब 4.5 करोड़ का खर्च आएगा। दूसरी यूनिट के लगने से डीएनए जांच की रफ्तार बढ़ जाएगी। 

डीएनए जांच का दायरा बढ़ाने को लेकर प्रयास काफी पहले शुरू कर दिए गए थे। नई मशीन लगाने का जो प्रस्ताव फिलहाल दिया गया है उस पर आनेवाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इससे पहले वर्ष 2019 में सीआईडी ने निर्भया फंड के जरिए बिहार में डीएनए जांच की तीन यूनिट लगाने का प्रस्ताव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजा था। इसके तहत पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में जांच की तीन यूनिट शुरू करनी है। हालांकि अब तक मंजूरी नहीं मिली है। यदि केन्द्र सरकार की मंजूरी मिलती है तो बिहार में डीएनए जांच की 5 यूनिट हो जाएगी, इसमें तीन पटना में होगी।  


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget