सुप्रीम कोर्ट ने किसानों का भ्रम किया दूर

Supreme court

नई दिल्ली 

किसानों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई कमेटी से एक सदस्य के खुद को अलग होने पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है। एक अन्य मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों को समझने में कुछ भ्रम है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति का हिस्सा होने से पहले एक व्यक्ति की कोई राय हो सकती है, लेकिन उसकी राय बदल भी सकती है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि एक व्यक्ति ने इस मामले पर विचार रखा, वह समिति का सदस्य होने के लिए अयोग्य नहीं हो सकता है। चीफ जस्टिस ने कहा कि कमेटी के सदस्य कोई जज नहीं होते हैं। कमेटी के सदस्य केवल अपनी राय दे सकते हैं, फैसला तो जज ही लेंगे।

बता दें कि कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के प्रमुख सदस्य अनिल घनवट ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न हितधारकों से कृषि कानून पर बातचीत करने के दौरान समिति के सदस्य अपनी निजी राय को हावी नहीं होने देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी पक्ष या सरकार के पक्ष में नहीं हैं। 


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