आघाड़ी में मतभेद पैदा करने की कोशिशः अजित पवार

 शीर्ष नेता मिलकर निकालेंगे 'औरंगाबाद' मसले का हल  

ajit pawar

मुंबइ

औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने पर महाविकास आघाड़ी के घटक दलों में विरोधाभास बना हुआ है। शिवसेना का एजेंडा औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने का है, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। अब इस मसले पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी टिप्पणी की है। नासिक में एक संवाददाता सम्मेलन में डिप्टी सीएम ने कहा कि औरंगाबाद के नाम बदलने को लेकर जारी विवाद पर तीनों पार्टियों के शीर्ष नेता शरद पवार, उद्धव ठाकरे और सोनिया गांधी एक साथ बैठकर समाधान निकालेंगे। हालांकि इस मामले में कुछ लोग जानबूझकर महाविकास आघाड़ी सरकार में मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। आघाड़ी के तीनों दल महाराष्ट्र के विकास के लिए एकजुट हुए हैं। इसके लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम है। इन कार्यक्रमों को लागू करते वक्त कभी-कभी इस तरह के प्रसंग आ जाते हैं, जिनका हम समाधान करेंगे। 

अजित पवार ने कहा कि ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के नए विषाणु की पृष्ठभूमि पर पिछले कुछ दिनों में ब्रिटेन से राज्य में आए यात्रियों को मुंबई में कोरेंटाइन किया गया है। उनका उचित तरीके से उपचार कर उन्हें घर जाने दिया जा रहा है। इनमें से दो यात्री कोरोना पॉजिटिव मिले, लेकिन वे नए कोरोना विषाणु से संक्रमित नहीं थे। उन्हें फिलहाल कोरेंटाइन किया गया है और जल्द ही वे स्वस्थ हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पहले महाराष्ट्र और भारत कोरोना मुक्त हो, यह सभी की इच्छा है। यह होने पर स्थिति पहले जैसी हो जाएगी। उस वक्त सामाजिक दूरी रखने और मास्क लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अजित पवार ने कहा कि साहित्य और संस्कृति राज्य के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


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