निजीकरण की राह पर बेस्ट, कांग्रेस ने भी किया समर्थन

Best Bus

मुंबइ

बेस्ट जो कि मुंबई की शान कही जा रही थी अब निजीकरण की ओर अपना कदम तेजी से बढ़ा रही है। बेस्ट प्रशासन अभी तक यात्रियों को सुविधा देने के लिए भाड़े पर बस और ड्राइवर लेने का निर्णय लिया था। लेकिन कंडक्टर बेस्ट उपक्रम का ही रखने का निर्णय लिया था। कंडक्टर के पास बस की कमाई की तिजोरी रहती है। निजी कंपनी के हाथ में यह तिजोरी गई तो बेस्ट का क्या अधिकार रहेगा। इस तरह का आरोप भाजपा ने लगाया। बेस्ट में कंडक्टर निजी कंपनी के लिए जाने का विरोध किया। इसके बावजूद मनपा की सत्ताधारी शिवसेना जिसके बेस्ट में कर्मचारियों की यूनियन भी है कांग्रेस और रांकापा को साथ लेकर भाड़े का कंडक्टर लेने का निर्णय लिया। बता दें कि बेस्ट उपक्रम में बसों की संख्या कम होने के कारण बेस्ट प्रशासन ने यात्रियों को सुविधा देने के लिए बस संख्या बढ़ाने के लिए निजी संस्थाओं से बस भाड़े पर लेने का निर्णय दो साल पूर्व लिया था। जिससे बेस्ट बेड़े में अब तक कुल एक हजार से अधिक बसे आ भी गई हैं। बस के साथ ड्राइवर निजी संस्था का लिया जाना मान्य किया गया था। लेकिन कंडक्टर बेस्ट का रहेगा, ऐसा निर्णय लिया गया था। लेकिन बेस्ट अब निजी संस्थाओं से बस के साथ अब ड्राइवर और कंडक्टर भी भाड़े पर लेने का निर्णय लिया है। बेस्ट प्रशासन के निर्णय का भाजपा नेता सुनील गणाचार्य ने विरोध जताया उनका आरोप था कि बेस्ट निजीकरण की ओर जा रही है। बस निजी संस्था का ड्राइवर और कंडक्टर भी निजी संस्था का फिर बेस्ट का खुद का क्या है। भाजपा बेस्ट जो कि मुंबई की शान मानी जाती रही है, उसे निजी संस्थाओं के हाथों में नहीं जाने देगी। बेस्ट में काम करने वाले कर्मचारियों का क्या होगा, इस तरह का सवाल भाजपा ने खड़ा किया।


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