जीवन की रेखा पटरी पर

कोरोना महामारी के दौरान हुई बंदिशों में से जिस बंदी से मुंबई और आस-पास के इलाकों के लोग सर्वाधिक परेशान थे वह थी मुंबई की पहचान मुंबई लोकल. कारण इससे मुंबई के एक छोर से दूसरे छोर तक का आवागमन इतना सहज, सस्ता और तेज है कि इसका कोई और दूसरा विकल्प ही नहीं है इसका अनुभव मुंबई और उसके आस-पास की नपा और मनपाओं में रहने वाले बाशिंदों ने बखूबी इस कोरोना काल के दौरान जान लिया है. अब जबकि महामारी का असर दिनोंदिन कम हो रहा है और वैक्सीनेशन का काम शुरू हो गया है, उम्मीद की जा रही थी कि अब आम आवाम के लिए लोकल सेवा जल्द शुरू होगी. अभी तक लोकल सेवा अत्यावश्यक  सेवा कर्मियों के लिये और नियत समय पर महिलाओं के लिए जारी थी, अब इसे कुछ शर्तों के साथ पहली फरवरी से आम आवाम के लिए खुला कर दिया गया है. यह मुंबई वासियों सहित मुंबई के उद्योग लिए राहत की बात है. लोगों को उबाऊ और काफी समय लेने वाली सड़क यात्रा से मुक्ति मिलेगी और सड़कों पर भीड़ भी कम होगी. इतना ही नहीं जिस गति से कोरोना हमारे बीच से जा रहा है और जिस तरह वैक्सीनेशन की गति बढ़ रही है वह दिन दूर नहीं जब लोकल सेवा ही नहीं सारी ट्रेन सेवाएं समान्य होंगी. हम इस पहल का स्वागत करें. उसके साथ-साथ अपनी बढ़ी हुई जिम्मेदारी का भी एहसास हमें रखना है और ऐसा कुछ नहीं करना है, जिससे हम हमारे बीच से रुखसत हो रही महामारी को पुनः खड़े होने का मौका दें. इसलिए यात्रा करते समय जो टाइम स्लॉट जिसके लिए निर्धारित है उसका पूरी तरह पालन करें और उन सारे निर्देशों को अपनाएं जिनसे कोरोना से बच सकते हैं. अनायास भीड़भाड़ ना करें और ऐसा कुछ ना करें, जिससे संक्रमण बढे. कारण संक्रमण का बढ़ना यह उसका डर हमारे ऊपर कितनी पाबंदियों का कारक बनता है इसका अनुभव हम पिछले साल भर से ले रहे हैं और यह कितना त्रासद है इसके हम अब तक भुक्तभोगी हैं. लोकल बंद होने से उसके चलते चलने वाले तमाम अनुसांगिक उद्यमों की कमाई पर भी असर पड़ा है. टैक्सी, ऑटो और तमाम तरह के लोगों के काम, रोजी-रोटी प्रभावित हुई है कारण आवागमन पूरी तरह ठप नहीं हुआ तो भी काफी हद तक प्रभावित था. लोग अपने कार्यस्थल पर ही नहीं पहुंच पा रहे थे, घर से काम करने की एक मर्यादा है, पिछले कई महीनों से सब का काम जो थोड़ा बहुत शुरू हुआ है अब लोकल चलने के बाद और तेजी आएगी. पूरे एएमएमआर रीजन की स्थिति पर इससे असर पड़ेगा और सकारात्मकता की एक नयी बयार बहेगी. हां, अभी यात्रा पर शर्त है विभिन्न वर्गों के लिए विभिन्न टाइम स्लॉट है, हमें उनका कठोरतापूर्वक पालन करना है, मास्क का उपयोग कर, भीड़भाड़ ना कर, समय-समय पर हाथ धोकर यानि हर निर्देशों का, मापदंडों का अक्षरशÑ पालन कर कोरोना जो हमारे बीच से द्रुत गति से पलायन कर रहा है उसको हमेशा-हमेशा के लिए भगाना है.

तो आइये पटरी पर आ रही मुंबई और देश की जिंदगी किसी भी तरह फिर पटरी से ना उतरे इसकी हर संभव खबरदारी बरतने का संकल्प करते हुए मुंबई में फिर उसकी जीवन रेखा कही जाने वाली लोकल के शुरू होने की घोषणा का जश्न मनाएं और अपने आचार, व्यवहार, संयम और अनुशासन से इस तरह अपनी दिनचर्या को अंजाम दें कि कोरोना जल्द इतिहास बन जाये और आमची मुंबई और हमारा देश फिर पुराने जोश और गति के साथ प्रगति पथ आगे बढे. मुंबई तो सदा से देश की अर्थव्यवस्था का इंजन रहा है, अब जबकि कोरोना दम तोड़ रहा है और आर्थिक क्रिया-कलाप भी गति पकड़ रहे हैं हम सब ने यदि ईमानदारी से अपनी भूमिका अदा की तो वह दिन दूर नहीं जब महामारी के पूर्व का मुम्बैया स्वरूप उससे भी कई गुनी आभा के साथ चमकेगा और जिसकी ऊष्मा से देश के कोने-कोने के लोग सदा की तरह जीवन संजीवनी प्राप्त करते रहेंगे.

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget