कहां पर होना चाहिए स्टडी रूम?

बच्चों के विकास में उपयोगी हो सकते हैं वास्तु के ये उपाय

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नए घर का निर्माण कराते समय या नया फ्लैट लेते समय अधिकतर लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके बच्चों के लिए स्टडी रूम और स्टडी टेबल की जगह कहां होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार उस स्थान का चुनाव करके वे अपने बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते हैं। कई बार स्टडी रूम वास्तु सम्मत न होने के कारण बच्चों में पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, अरूचि जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। विशेषज्ञ के अनुसार जानते हैं कि बच्चों के लिए स्टडी रूम और स्टडी टेबल घर में कहां पर होना चाहिए, जिससे उनकी पढ़ाई ठीक हो और उनका समुचित विकास भी हो।

  • बच्चों का स्टडी रूम घर के पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम के पश्चिम में हो सकता है।
  • इन दिनों कई घरों में स्टडी टेबल छोटी होती है और दीवार से जु़डी होती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। यह वास्तु के अनुरूप नहीं है।
  • बच्चों की स्टडी टेबल दीवार से सटे होने से वहां ऊर्जा निकली है, जो एकाग्रता में खलल डालती है। यह अध्ययन के लिए ठीक नहीं है।
  • स्टडी रूम में जब भी आप स्टडी टेबल रखें, तो बात का ध्यान रहे कि उसके सामने खुली जगह हो। यह बच्चों का ध्यान अध्ययन में केंद्रित करने में मदद करता है।
  • स्टडी टेबल इस तरह से व्यवस्थित करें कि अध्ययन करते समय बच्चे का मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो क्योंकि इन दिशाओं से निकलने वाली ब्रह्मांडीय ऊर्जा तरंगें लाभदायक होती हैं। ये तरंगें सहस्रार चक्र के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करती हैं, बेहतर एकाग्रता में मदद करती हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें​ कि बच्चे जब पढ़ाई करें, तो उस समय उनकी पीठ दीवार से सटी हो।
  • स्टडी टेबल पर प्लास्टिक, तांबे या क्रिस्टल का पिरामिड रखना फायदेमंद होता है।
  • स्टडी टेबल की सामने की दीवार पर मां सरस्वती की तस्वीर या एकाग्रता बढ़ाने के लिए एक यंत्र लगाएं।


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