न्यायालय की अनुमति के बाद ही नए जूनियर कॉलेजों को मान्यता

शिक्षा मंत्री के आदेश पर स्थगन 


मुंबई

एक महत्वपूर्ण फैसले में मुंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में राव शिक्षण संस्थान के पांच जूनियर कॉलेजों को अंतिम अनुमति देने के शिक्षा मंत्री के आदेश पर रोक लगा दी है।अदालत ने राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा इन कॉलेजों को दिए गए अस्थायी अनुक्रमांक के क्रियान्वयन पर भी रोक लगा दी। अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह नए जूनियर कॉलेजों या अतिरिक्त कक्षाओं को अदालत की अनुमति के बाद ही अनुमोदित करे।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की पीठ ने शिक्षा संस्थान की ट्रस्टी द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया था कि महाराष्ट्र स्व-वित्तपोषित विद्यालय (स्थापना और विनियमन) अधिनियम के तहत, शिक्षा मंत्री के पास ऐसा आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा उच्च न्यायालय के पहले के आदेश से शिक्षा मंत्री के आदेश असंगत हैं। हाई कोर्ट ने जनवरी 2020 में शैक्षणिक संस्थानों को अतिरिक्त कक्षाओं की अनुमति देने या जूनियर कॉलेजों में नए जूनियर कॉलेज शुरू करने पर रोक लगा दी थी। नवंबर 2020 में अदालत ने जूनियर कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षाएं शुरू करने या नए जूनियर कॉलेजों को शुरू करने के लिए 410 शैक्षणिक संस्थानों के आवेदनों पर विचार करने के जनवरी 2020 के आदेश में संशोधन किया। अदालत ने सरकार के आश्वासन के बाद संशोधित आदेश जारी किया था कि आवेदन की जांच महाराष्ट्र स्व-वित्तपोषित स्कूलों (स्थापना और विनियमन) अधिनियम में निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी। 


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