टेस्ट सीरीज खतरे में !

'नियम नहीं मानने तो ना आएं भारतीय'


मेलबर्न

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाना है लेकिन मेहमान टीम के खिलाड़ी सख्त क्वारंटीन में फिर जाने की संभावना से नाखुश हैं। इसी बीच क्वींसलैंड असेंबली की सदस्य रोज बेट्स ने कहा है कि यदि भारतीय नियमों का पालन नहीं करना चाहते तो उनका स्वागत नहीं है। 

टेस्ट सीरीज का कार्यक्रम रविवार को उन रिपोर्टों के बाद फिर से खतरे में नजर आने लगा, जिनमें कहा गया कि मेहमान टीम के खिलाड़ी ब्रिस्बेन में चौथे टेस्ट के लिए सख्त क्वारंटीन में फिर जाने की संभावना से नाखुश हैं। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय खिलाड़ियों ने फिर से सख्त क्वारंटीन में जाने का विरोध किया है। खिलाड़ियों का कहना है कि वे पिछले छह महीने से लगातार क्वारंटीन का सामना कर रहे हैं।

 भारतीय टीम के एक प्रवक्ता ने इन रिपोर्ट पर कॉमेंट के लिए कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच रोज बेट्स ने कहा, 'देखिए, यदि भारतीय नियमों के साथ नहीं रहना चाहते तो उनका किसी तरह से स्वागत नहीं किया जाएगा।' उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपना बयान जारी किया। क्वींसलैंड के खेल मंत्री टिम मैंडर ने भी कहा कि हर किसी के लिए समान नियम लागू होते हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीयों को क्वारंटीन नियमों को तोड़ने का कोई हक नहीं है। 

उन्होंने कहा, 'यदि ब्रिसबेन में भारतीय खिलाड़ी नियमों का पालन नहीं करना चाहते तो मुझे लगता है कि उन्हें नहीं आना चाहिए।' भारतीय टीम को ऐडिलेड में शिकस्त मिली। टीम के संयोजन में बदलाव करने जरूरी थे। ऐसा किया भी गया। मेलबर्न टेस्ट में चार बदलाव किए गए। शुभमन गिल, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत को टीम में शामिल किया गया। सभी ने अपना-अपना योगदान दिया। अजिंक्य रहाणे ने कप्तान के रूप में कई बढ़िया फैसले लिए। गेंदबाजी में परिवर्तन करने की बात हो या फिर फील्ड पोजिशन की रहाणे ने सही फैसले लिए। 


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget