शिवजयंती में 100 लोगों की मौजूदगी की मंजूरी

विपक्ष की आलोचना के बाद नियमावली में बदलाव


मुंबई

विपक्ष की आलोचना के बाद सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती समारोह को लेकर जारी नियमावली में बदलाव किया है। पहले जयंती कार्यक्रम में केवल 10 लोगों को भाग लेने की अनुमति थी, अब नई नियमावली के अनुसार 100 लोगों को कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति होगी। राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में नया सर्कुलर जारी किया है। गृह विभाग की तरफ से कहा गया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती यानी शिव जयंती 19 फरवरी को पूरे महाराष्ट्र में व्यापक रूप से मनाई जाती है। इस वर्ष कोविड -19 के कारण सादगी से शिव जयंती मनाने का फैसला लिया गया है।  

भीड़ नहीं करने की सलाह

शिव जयंती मनाने के लिए गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी में हुआ था। ऐसे में अनेक शिवप्रेमी शिवनेरी या दुर्ग, किलों में 18 फरवरी की मध्य रात 12 बजे पहुंचकर शिवजयंती मनाते हैं, लेकिन इस साल कोरोना की वजह भीड़ एकत्रित न करते हुए सादगी से शिवजयंती उत्सव मनाना अपेक्षित है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं

हर साल शिव जयंती के दौरान पूरे महाराष्ट्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस साल किसी भी तरह से सार्वजनिक स्थानों पर व्याख्यान, गीत, नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। इसके बजाय कार्यक्रम को केबल नेटवर्क पर या ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

बाइक रैली, जुलूस पर बैन

इसके अलावा किसी भी तरह की बाइक रैली, जुलूस नहीं निकाले जाने चाहिए। इसके बजाय छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा या प्रतिमा पर माल्यार्पण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केवल 100 लोगों की उपस्थिति में शिव जयंती मनाने की अनुमति होगी।

स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह

शिव जयंती के दिन स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों, रक्तदान शिविर के आयोजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे कोरोना, मलेरिया, डेंगू इत्यादि बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का संचालन करते समय सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ स्वच्छता नियमों का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कोविड -19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, राहत और पुनर्वसन, स्वास्थ्य, पर्यावरण, चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित महानगरपालिका, पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।


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