नोएडा अथॉरिटी में 90 करोड़ का घोटाला

 

noida

नोएडा

जमीन का मुआवजा देने के नाम पर नोएडा अथॉरिटी  में एक बड़ा घोटाला हुआ है। 6 महीने की जांच में 90 करोड़ रुपए का घोटाला अब तक सामने आया है। घोटाले की यह रकम किसानों को दूसरी बार में दी गई है। ज़मीन अधिग्रहण करने पर एक बार मुआवजा दे दिया गया था। लेकिन दोबारा मुआवजा देने के नाम पर यह घोटाला हुआ है।

गौरतलब रहे नोएडा में एक नया सेक्टर बसाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। किसानों को दो बार मुआवजा बांटे जाने के चलते ही कुछ शक होने पर सीईओ रितु माहेश्वरी ने इस पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच कराई थी। 6 महीने की जांच के बाद ही खुलासा हो गया था कि किसानों के साथ अथॉरिटी के कुछ लोगों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हुआ है।

जानकारों की मानें तो साल 1982 में नोएडा अथॉरिटी ने एक नया सेक्टर बसाने के लिए गेझा तिलप्ताबाद गांव की जमीन का अधिग्रहण किया था। जमीनों के रेट तय कर मुआवजा दे दिया गया था। लेकिन कुछ किसानों ने मुआवजे की कम रेट लगाए जाने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी थी। लेकिन इसी दौरान अथॉरिटी की ओर से कुछ किसानों को 90 करोड़ रुपए अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर दोबारा बांटे गए। इसी की जांच सीईओ रितु माहेश्वरी ने कराई थी।

नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने इस फर्जीवाड़े की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक की छानबीन में पता चला है कि अथॉरिटी के अधिकारियों की मिलीभगत से यह बड़ा घोटाला हुआ है।

अथॉरिटी के एक असिस्टेंट लीगल ऑफिसर की भूमिका सामने आ रही है। हालांकि अभी यह अधिकारी सस्पेंड चल रहा है। अथॉरिटी ने उन सभी 9 लोगों से वसूली के लिए राजस्व अधिनियम के तहत वसूली का नोटिस जारी करने का आग्रह किया है जिन्हें मुआवजे के नाम पर अतिरिक्त 90 करोड़ रुपए की रकम बांट दी गई।


Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget