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केंद्रीय बजट पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं


बजट देश के लिए होना चाहिए, चुनाव के लिए नहीं: उद्धव ठाकरे

राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बजट देश के लिए होना चाहिए, चुनावों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि वे थोड़ा समय लेकर बजट के बारे में व्यवस्थित तरीके से बोलेंगे। मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया था कि क्या बजट में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल, केरल और दक्षिण के राज्यों के लिए बड़े आर्थिक प्रावधान किए गए हैं? इसके जवाब में मुख्यमंत्री प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।

आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट: फड़नवीस

पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं को जीवंत करने के संकल्प को दृढ़ करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा बजट है, जो कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे, मेट्रो, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सभी मोर्चों पर विकास को एक नई गति प्रदान करता है। कृषि कानून की वजह से देश में शुरू आंदोलन के चलते कृषि उत्पन्न बाजार समितियों के अधिकारों को कम करने की शंका व्यक्त की जा रही थी, लेकिन बजट में बाजार समितियों को मजबूत बनाने के लिए धन आवंटित कर बाजार समितियों के बारे में सरकार ने एक तरफ से अपनी नीति स्पष्ट की है। अनाज खरीद के आंकड़ों को स्पष्ट करने से पता चलता है कि केंद्र सरकार न्यूनतम आधार मूल्य के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। गेहूं और चावल पिछली सरकार की तुलना में दोगुने से अधिक खरीदे गए हैं, जबकि दालों की खरीद पांच गुना से अधिक की गई है। अगर हम कृषि क्षेत्र के प्रावधान को देखें तो 2013-14 की तुलना में कृषि क्षेत्र के लिए पांच गुना अधिक प्रावधान किया गया है। देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि कुल मिलाकर किसान 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए 5976 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं और नासिक मेट्रो के लिए 2092 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नासिक मेट्रो के लिए नियो मेट्रो का एक नया मॉडल हमारी सरकार के दौरान बनाया गया था। मुझे खुशी है कि इस मॉडल को केंद्र सरकार ने अपनाया है और अब इस अवधारणा को देश के अन्य शहरों में भी अपनाया जाएगा। हमारी सरकार के दौरान नासिक और नागपुर के दूसरे चरण के प्रस्ताव भेजे गए थे। इसे स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणजी को धन्यवाद।

 संपत्ति बेचने का संकल्प पत्र: थोरात  

राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के बजट में जिन राज्यों में चुनाव हैं, वहां राज्य की विकास की परियोजनाओं की घोषणा करने का नया तरीका सामने आया है। यह बजट बताता है कि जिन राज्यों में चुनाव नहीं हैं, वहां कुछ भी न दें। इस सरकार ने बजट को चुनावी घोषणा पत्र बना दिया है। वित्त मंत्री के बजट भाषण को सुनने के बाद यह एक चुनावी घोषणा पत्र था या सरकारी संपत्ति बेचने का संकल्प, यह सवाल पैदा हुआ है।  

सभी वर्गों का रखा गया पूरा ख्याल: पाटिल

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह समाज के उन सभी वर्गों को राहत व सहयोग देगा, जो कोरोना के कारण संकट में हैं। पाटिल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पूरे देश के जनजीवन सहित करोड़ों लोगों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया और देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा। इसी पृष्ठभूमि में मोदी सरकार ने बजट देश की अर्थव्यवस्था को संकट से उभरने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए भी सहायक साबित होगा। बजट में देश में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। इससे समाज के सभी वर्गों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना से खराब हुई अर्थव्यवस्था में बजट में स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान किया है, जो कि एक महत्वपूर्ण कार्य है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने नासिक मेट्रो और नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए अच्छे वित्तीय प्रावधान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। इससे रोजगार सृजन को और गति मिलेगी। पचहत्तर वर्ष की आयु से ऊपर के नागरिकों को आयकर रिटर्न भरने से छूट दी गई है।  ऐसे विभिन्न प्रावधानों से मध्यम वर्ग को विशेष राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर गहनता से विचार किया गया है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए प्रावधान को 30,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। लघु सिंचाई के लिए प्रावधान को दोगुना कर दिया गया है। कृषि के लिए ऋण सीमा को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व को स्पष्ट करने वाली स्वामित्व योजनाओं को देश भर में लागू किया गया है। 


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