न्यायपालिका ने सच्चाई के लिए खड़े होने की दी ताकत : पीएम


नई दिल्ली

गुजरात हाई कोर्ट के 61 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डायमंड जुबली समारोह की शुरुआत की है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट की डायमंड जुबली के अवसर पर सभी को बहुत-बहुत बधाई। पिछले वर्षों में अपनी कानूनी समझ, अपनी विद्वत्ता और बौद्धिकता से गुजरात हाई कोर्ट और बार ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट ने सत्य और न्याय के लिए जिस कर्तव्य और निष्ठा से काम किया है, अपने संवैधानिक कर्तव्यों के लिए जो तत्परता दिखाई है, उसने भारतीय न्याय व्यवस्था और भारत के लोकतंत्र दोनों को ही मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को दी गई जिम्मेदारी, हमारे संविधान के लिए प्राणवायु की तरह है। हमारी न्यायपालिका ने संविधान की प्राणवायु की सुरक्षा का दायित्व पूरी दृढ़ता से निभाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति भरोसे ने सामान्य नागरिक के मन में एक आत्मविश्वास जगाया है। सच्चाई के लिए खड़े होने की उसे ताकत दी है। आजादी से अब तक देश की यात्रा में हम न्यायपालिका के योगदान की चर्चा करते हैं, तो बार के योगदान की भी चर्चा करते हैं। प्राचीन ग्रंथों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में रूल ऑफ लॉ, सदियों से सभ्यता और सामाजिक ताने-बाने का आधार रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है, न्यायमूलं सुराज्यं स्यात्। यानी, सुराज्य की जड़ ही न्याय में है। मोदी ने कहा कि हमारा जस्टिस सिस्टम ऐसा होना चाहिए, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ हो, जहां हर व्यक्ति के लिए न्याय की गारंटी हो और समय से न्याय की गारंटी हो। सरकार भी इस दिशा में अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, न्याय के जो आदर्श भारतीय संस्कारों का जो हिस्सा रहे हैं, वो न्याय हर भारतीय का अधिकार है। 


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