भारत-पाक में शांति समझौता

indian army

नई दिल्ली  

चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा पर शांति बहाल करने के बाद अब पाकिस्तान से एलओसी पर भी सीजफायर पर सहमति बन गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौता गुरुवार से लागू हो गया है। 24 तारीख को रात 12 बजे से यह समझौता लागू हुआ है। भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) लेवल पर बात हुई है, जिसमें संघर्ष विराम पर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच आगे भी हॉटलाइन के जरिए बातचीत जारी रहने और फ्लैग मीटिंग करने पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच भविष्य में किसी भी मतभेद या विवाद को सुलझाने के लिए हॉटलाइन पर वार्ता जारी रखने पर सहमति बनी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य करना चाहता है। हम शांतिपूर्ण तरीके से सभी द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है। प्रमुख मुद्दों पर हमारी स्थिति में अभी भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। दोनों देशों की सेनाओं की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह संघा और पाकिस्तान की ओर से मेजर जनरल नौमान जकारिया हॉटलाइन पर हुई बातचीत में शामिल थे। बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने एलओसी समेत सभी सेक्टर्स की समीक्षा की है। दोनों ही पक्ष एलओसी एवं अन्य सेक्टर्स पर 24 फरवरी की रात 12 बजे से सीजफायर लागू करने पर सहमत हुए हैं। इस वार्ता के दौरान दोनों तरफ से यह सहमति बनी कि शांति भंग करने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी मुद्दे पर वार्ता की जाएगी।               

किसी भी मसले पर बातचीत के लिए मौजूद हॉटलाइन और फ्लैग मीटिंग की व्यवस्था के तहत बात होगी। 

पाकिस्तान ने समझौते को कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा है कि इससे और अधिक रास्ते खुल सकेंगे। पाकिस्तान ने इसे पर्दे के पीछे किया गया समझौता बताया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के राष्ट्रीय सुरक्षा डिवीजन और रणनीतिक नीति नियोजन के विशेष सहायक मोईद यूसुफ ने एक ऑडियो जारी कर कहा है कि सीजफायर जो कि 24 फरवरी की आधी रात से लागू हुआ है, वह काफी ठोस है और सकारात्मक डेवलपमेंट है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।


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