इंटरव्यू देते वक़्त भूलकर भी ना करें ये ग़लतियां

shake hand

झूठी जानकारी न दें: 

कई बार रिजेक्शन के डर और ऐन्ज़ाइटी में हम अपने बारे में, अपने अनुभवों के बारे में ग़लत और झूठी जानकारियां दे देते हैं. ध्यान रहे कि कंपनियां किसी भी एम्प्लॉई को लेने से पहले उसके बारे में पूरी जांच-पड़ताल करती हैं और यदि आपके द्वारा दी गई जानकारियों में से कोई भी झूठी जानकारी मिलती है तो आपका भविष्य ख़तरे में हो सकता है. केवल उस कंपनी ही नहीं, बल्कि आगे की कंपनियों के साक्षात्कार में भी आपकी यह गलती आपके भविष्य पर भारी पड़ सकती है.

फ़ोन न देखें: 

इंटरव्यू के बीच में फ़ोन उठाना या मैसेज का जवाब देना, अनप्रोफ़ेशनलिज़्म है. चाहे कितना भी ज़रूरी कॉल क्यों न हो इंटरव्यू के बीच में फ़ोन न उठाएं. कोशिश करें कि इंटरव्यू के वक्त फोन आपके बैग में या पॉकेट में साइलेंट पर हो. यदि बहुत ज़रूरी कॉल हुआ तो आप साक्षात्कारकर्ता को कॉल के संदर्भ में बताएं और उनसे अनुमति लेकर ही फोन रिसीव करें.

बुराई न करें: 

अपने नकारात्मक पहलुओं को छिपाने के लिए किसी और की बुराई भूलकर भी न करें. यह आपके व्यक्तित्व पर सवाल खड़ा करता है. उदाहरण के लिए यदि साक्षात्कारकर्ता आपसे किसी ऐसे प्रोजेक्ट पर बात करे, जिसमें आपका परफॉर्मेंस बुरा रहा हो तो अपने कलीग, बॉस या कंपनी पर इसका आरोप डालने या अपमानजनक शब्द बोलने के बजाय पूरी विनम्रता के साथ अपनी गलती स्वीकारें. 

बीच में टोके नहीं: 

साक्षात्कारकर्ता जब आपसे सवाल कर रहा हो तो सवाल पूरा सुनें. उन्हें बीच में ही रोक कर अपनी राय न रखें. उनके सवाल को पूरा होने दें और फिर ही जवाब दें. अपनी आवाज़ का टोन बहुत ऊंचा या बहुत कम न रखें. पूरे आत्मविश्वास के साथ, सटीक बॉडी लैंग्वेज रखते हुए अपनी बात रखें.


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