व्हाट्सएप के जरिए माफिया करता था शराब की सौदेबाजी

पटना

राजधानी पटना के बाइपास थाने से महज दौ सौ मीटर की दूरी पर गोदाम से जब्त की गई दो करोड़ की शराब के मामले में कई चौंकाने वाले मामले सामने आये हैं। जांच में पता चला है कि शराब माफिया व्हाट्सएप के जरिये शराब की सौदेबाजी करता था। इसलिए गोदाम में जांच के दौरान लेखा-जोखा से संबंधित लाल डायरी बरामद नहीं हुई जबकि मौके से पकड़े गये नौ आरोपितों के कब्जे से बरामद मोबाइल की जांच में कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। इनमें कई नंबर शराब की खरीद-फरोख्त करने वाले तस्करों व फरार मुख्य आरोपियों से जुड़े पाये गये हैं। इस आधार पर पुलिस फरार माफिया व अन्य तस्करों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक उत्पाद विभाग की ओर से इस मामले में गहन जांच की जा रही है। अब तक की जांच में गोदाम मालिक का पता चला है। पुलिस व उत्पाद विभाग की ओर से गोदाम मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि मुर्गी दाने की आड़ में शराब गोदाम बनाने के पीछे बड़ा खेल खेला गया था। लंबे समय से गोदाम के जरिये पटना समेत अन्य जिलों में शराब की खेप पहुंचायी जा रही थी। दो करोड़ की शराब जब्त किये जाने के बाद से ही बाइपास थाने की पुलिस सवालों के घेरे में आ गई थी। कहा जा रहा था कि इतने बड़े पैमाने पर शराब तस्करी होने के बावजूद बाइपास थाने की पुलिस कैसे अनजान रह सकती है। अनजान बने रहने के पीछे पुलिस की शराब माफिया से साठगांठ होने से कतई इंकार नहीं किया जा सकता। 

इसको देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से जहां सोमवार की देर शाम पुलिस महानिदेशक द्वारा  बाइपास थाना प्रभारी मुकेश पासवान व हल्का चौकीदार लल्लू पासवान को निलंबित कर दिया गया। वहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पटना सिटी अमित शरण से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय जांच का आदेश भी दिया गया है। समझा जा रहा है कि जांच के दायरे में बाइपास के अन्य पुलिसकर्मी भी आ सकते हैं, जिन पर भी गाज गिरनी तय है।


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