अभ्यर्थियों को लगेगा आधा नामांकन शुल्क

महिला, एसएसी-एसटी व पिछड़े वर्ग के

पटना

निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रावधान के अनुसार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिला एसएसी/एसटी व पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को महज 125 रुपये नामांकन शुल्क देना होगा। मुखिया सरपंच एवं पंचायत समिति सदस्य पद के अभ्यर्थियों को एक हजार रुपये देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रावधान के तहत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने वाले में सबसे कम नामांकन शुल्क वार्ड सदस्य और पंच अभ्यर्थियों को चुकाना होगा। पर्चा भरने के दौरान महज 250 रुपये शुल्क आयोग को देना होगा। अहम यह है कि महिला, एसएसी/एसटी व पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों से महज आधा नामांकन शुल्क लेने का प्रावधान है। मसलन वार्ड सदस्य और पंच पद पर महिला, एसएसी/एसटी व पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को महज 125 रुपये नामांकन शुल्क देना होगा। मुखिया, सरपंच एवं पंचायत समिति सदस्य पद के अभ्यर्थियों को नामांकन शुल्क के रूप में एक हजार रुपये जमा करना होगा। वहीं, जिला परिषद सदस्य के लिए दो हजार रुपये नामांकन शुल्क देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2016 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय पर्चा भरने का शुल्क तय किया था। 2021 के पंचायत में संशोधित नहीं जाएगा। हां, नामांकन शुल्क एक बार जमा करने के बाद लौटाने का प्रावधान नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2016 में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने पर्चा भरा था। इनमें आधे से अधिक उम्मीदवार नए थे। आयोग के अनुसार राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान छह पदों के लिए चुनाव होते हैं। इनमें मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के पद शामिल हैं। मार्च से मई के बीच 8387 ग्राम पंचायतों में इतने ही मुखिया व सरपंच के लिए चुनाव होगा, जबकि वार्ड सदस्य व पंच के एक लाख 14 हजार 667 पदों के लिए उम्मीदवार चुने जाएंगे। पंचायत समिति सदस्य के 11,491 और जिला परिषद सदस्य के 1161 पदों के लिए चुनाव होंगे।


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