सोनिया-राहुल के खिलाफ बगावत!

shanti sammelan Jammu

जम्मू

कांग्रेस की नीतियों पर कांग्रेस हाईकमान को कठघरे में खड़े कर चुके कांग्रेस नेताओं में से सात नेता शनिवार को जम्मू में जुटे और अपनी ताकत का हाईकमान को अहसास भी कराया। गांधी ग्लाेबल फैमिली के शांति सम्मेलन के नाम पर जुटे इन नेताओं ने भले ही मंच पर पार्टी हाईकमान या गांधी परिवार पर सीधी टिप्पणी नहीं कि लेकिन इशारों ही इशारों में यह बताने से नहीं चूके कि वह हैं तो कांग्रेस है और उनसे ही कांग्रेस है। 

राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पहली दफा जम्मू-कश्मीर पहुंचे गुलाम नबी आजाद यह कहने से नहीं चूके कि राज्यसभा से रिटायर हुआ हूं राजनीति से नहीं। खास बात यह थी कि मंच पर सभी नेता कांग्रेस के विराजमान थे लेकिन गांधी परिवार का न किसी ने नाम लिया और न ही किसी पोस्टर में उनके लिए जगह थी। हर तरफ आजाद के ही पोस्टर छाए थे। 

राज बब्बर बोले : कांग्रेस को मजबूत देखना चाहती है जी-23

जम्मू में आयोजित शांति सम्मेलन में पहुंचे कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा कि लोग हमें जी-23 कहते हैं परंतु मैं गांधी 23 कहता हूं। हमारा मकसद है कि कांग्रेस मजबूत हो।

हम नहीं चाहते थे कि आजाद रिटायर्ड हों: सिब्बल

पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा के सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि हम में से कोई भी नहीं चाहता था कि गुलाम नबी आजाद संसद से रिटायर्ड हों। वह कांग्रेस को जमीनी स्तर पर जानते हैं। कांग्रेस की असलियत को जानते हैं। मुझे यह बात समझ में नहीं आई कि आज तक कांग्रेस ने उनके अनुभव का लाभ क्यों नहीं उठाया।

राज्यसभा से सेवानिवृत्त, राजनीति से नहीं : आजाद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी शांति सम्मेलन के दौरान लोगों को संबोधित किया। उन्होंने जी-23 के लिए तो कुछ नहीं बोला परंतु केंद्र सरकार की गलत नीतियों और उसके खिलाफ कांग्रेस द्वारा उठाई गई आवाज को अवश्य उजागर किया। 


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