शरजील ने किया हिंदुओं का अपमान: फड़नवीस

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा पत्र  | तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग


मुंबई

पुणे में आयोजित एल्गार परिषद में शरजील उस्मानी के हिंदू समाज के खिलाफ दिए गए बयान को बेहद अपमानजनक और गंभीर बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। इस पत्र में देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि 30 जनवरी 2021 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील उस्मानी ने बहुत ही गंभीर, धार्मिक तनाव बढ़ाने वाला और समस्त हिंदूओं को अपमानित करने वाला बयान दिया है। शरजील ने कहा कि आज का हिंदू समाज पूरी तरह सड़ चुका है, हिंदू समाज हत्या करता है, घर जाकर नहाता है और फिर दूसरे दिन हत्या करता है। फड़नवीस ने कहा कि यह बेहद गंभीर और‍ आपत्तजिनक बयान है।      

क्या कहा था शरजील उस्मानी ने

शरजील ने एल्गार परिषद में कहा था कि आज का हिंदू समाज, हिंदुस्तान में हिंदू समाज बुरी तरीके से सड़ चुका है। ये जो लोग लिंचिंग करते हैं, कत्ल करते है, ये कत्ल करने के बाद अपने घर जाते है तो क्या करते होंगे अपने साथ? कोई नए तरीके से हाथ धोते होंगे, कुछ दवा मिलाकर नहाते होंगे। क्या करते है ये लोग कि वापस आकर हमारे बीच खाना खाते है, उठते-बैठते है, फिल्में देखते है। अगले दिन फिर किसी को पकड़ते हैं, फिर कत्ल करते और नॉर्मल लाइफ जीते है। अपने घर में मोहब्बत भी कर रहे है, अपने बाप का पैर भी छू रहे है, मंदिर में पूजा भी कर रहे है, फिर बाहर आकर यही करते है..।

राज्य के लिए शर्मिंदगी की बात

फड़नवीस ने कहा कि एक युवक राज्य में आता है, छाती ठोंककर हिंदुत्व की खिल्ल्री उड़ाता है, अपमान करता है और निकल जाता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। यह बात बेहद आश्चर्यजनक है। यह पूरे राज्य के लिए बहुत की चिंता और शर्मिंदगी की बात है। फड़नवीस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जैसे ही यह पत्र मिलेगा, शरजील पर तत्काल केस दर्ज किया जाएगा और उसे महाराष्ट्र लाकर कानूनन कार्रवाई की जाएगी।

सहन नहीं करेगा महाराष्ट्र  

फड़नवीस ने पत्र में कहा कि एल्गार परिषद के माध्यम से पहले क्या हुआ, यह जानकारी होते हुए भी इस तरह के आयोजन की फिर से अनुमति देना कि कितनी बड़ी गलती थी। यह बात शरजील के बयान से पता चलती है। किसी आयोजन को अनुमति देना का अर्थ यह नहीं है कि उसमें होने वाली बातों को सहन किया जाए, यह उचित भूमिका नहीं है। हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में कोई आकर इस तरह का वातावरण खराब करे, यह हमें मंजूर नहीं है। इस मामले में कठोर से कठोर और तत्काल कार्रवाई की जाए। यह मांग पत्र के माध्यम से की गई है।

पुलिस स्टेशन में शिकायत  

पुणे में आयोजित एल्गार परिषद में शरजील उस्मानी के बयान को लेकर कांदीवली पूर्व के विधायक अतुल भातखलकर ने दिंडोशी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। भातखलकर ने अपनी शिकायत में कहा कि वर्ष 2017 में आयोजित एल्गार परिषद की वजह से भीमा-कोरेगांव में बड़ा फसाद हुआ था। इसके बावजूद महाविकास आघाड़ी सरकार ने एल्गार परिषद को फिर से अनुमति प्रदान की। भातखलकर ने बताया कि एल्गार परिषद में शरजील उस्मानी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा था कि वे एक मुस्लिम युवक के रूप में यहां आए हैं और युद्ध की शुरुआत करने के लिए आए हैं। उन्होंने हिंदूओं की भावना का अपमान करने के साथ-साथ भारतीय न्याय व्यवस्था, न्यायपालिका और प्रशासकीय व्यवस्था का अपमान करते हुए कहा कि वे भारतीय संघ राज्य को मानते नहीं। उनका बयान भारतीय संघ का अपमान करने वाला ओर भारतीय संघ से घृणा निर्माण करने वाला है।


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