क्रीमीलेयर को आरक्षण का भी करेगी विरोध

धर्मांतरित दलितों के आरक्षण के पक्ष में नहीं है भाजपा

पटना

देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन चुकी भाजपा मुस्लिम व ईसाई धर्म को अपनाने वाले दलितों के लिए किसी भी कीमत पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है। इसको लेकर पार्टी पहले भी आधिकारिक तौर पर अपने विचार रखती रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार ने मोदी ने एक बार फिर इस मसले पर पार्टी के रुख को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल साजिशन ईसाई व मुस्लिम धर्म में धर्मान्तरित दलितों के लिए भी आरक्षण की मांग करते हैं। 

मगर, संविधान में हिंदू, सिख व बौद्ध धर्मावलंबी दलितों के लिए ही आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने आरक्षण से संबंधित अन्य भी कई विषयों पर अपनी बात रखी। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने भाजपा महादलित प्रकोष्ठ की ओर से पार्टी के प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में संत शिरोमणि रविदास महाराज की 644वीं जयंती के दौरान ये बातें कहीं। इस कार्यक्रम में मोदी ने यह भी कहा कि भाजपा एसएसी, एसटी की नौकरियों के आरक्षण में क्रीमी लेयर में पक्ष में नहीं है। इसीलिए नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसका पुरजोर विरोध किया है। इसे सुप्रीम कोर्ट में 7 जजों की बेंच में भेजने की मांग की है। इसी प्रकार जब सुप्रीम कोर्ट ने एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों को हटाया तो नमो सरकार ने संविधान में संशोधन कर उसे पुर्न स्थापित किया। यही नहीं 23 नई धाराओं को जोड़ कर उसे और भी कठोर बनाया।


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