कम से कम अब तो चेत जाएं

एक बार फिर कोरोना मुंबई सहित राज्य में खतरे की घंटी बजा रहा है. इसका मतलब है कि हम लोग वह सावधानियां नहीं बरत रहे हैं, जिसके चलते स्थित नियंत्रित हुई थी. परिणाम एक बार फिर बढ़ती महामारी ने राज्य को पुन सुर्खियों में ला दिया है. मुख्यमंत्री को यह चेतावनी देने के लिए बाध्य होना पड़ा की यदि ऐसे ही रहा तो पुनः पाबंदी की नौबत आ सकती है. कुछ बंदिशे शुरू हो गयी हैं और कहीं-कहीं राज्य में और सख्ती बरती जा रही है. बड़ी मुश्किल से गाड़ी पटरी पर आना शुरू हुई है. लोग कोरोना के चलते बन्दी से किस हद तक परेशान हैं कितनों का रोजगार गया है, जीने-खाने के लाले हैं, यह बताने की जरूरत नहीं है. अभी बन्दी पूर्ण रूप से नहीं हटी है, कुछ दैनिक क्रिया-कलाप और आर्थिक गतिविधियां शुरू की गयी हैं. इससे हम इतने निश्चिंत हो जाएं कि अब फिर सरकार और प्रशासन को तय मानदंडों का अनुपालन करने के लिए मार्शल लागने पड़े, जुर्माना लगाना पड़े, लोग अनुपालन कर रहे हैं या नहीं इसके लिए छापे डालने की अनुमति देनी पड़ी तो यह बहुत दुखद और लज्जा जनक स्थि​ित है. 

हम सबको ऐसे गैर जिम्मेदाराना आचरण का परित्याग करना होगा और जब तक हर्ड इम्युनिटी नहीं विकसित होती, तबतक कोरोना से बचने के हर मानदडों का वैसे ही पालन करना होगा जैसा की कोरोना के शुरूआती दिनों में करते रहे हैं और जिसके अच्छे परिणाम आये थे और जिसके चलते पाबंदियों को ढीला करने में सरकार और प्रशासन को मदद मिली थी. सख्ती और पाबंदी से कितनी परेशानी होती है, इसके हम सब भुक्त भोगी हैं और आज भी झेल रहे हैं. फिर हम ऐसी लापरवाही क्यों कर रहे हैं यह समझ से परे है. आवश्यक है कि हम अपनी जिम्मेदारी समझे और ऐसा हर कदम उठाने से बचे जिसके चलते जाने अनजाने में इस महामारी के फिर से सर उठाने में सहायक हो सकते हैं. आखिर कब तक आपके हित के लिए प्रशासन आपके आसापास डंडा लेकर खड़ा रहेगा. कम से कम अब तो चेत जाएं और अपनी लापरवाहियों से अपने, अपने परिवार और सबका जीवन जोखिम में ना डालें. 


Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget