राष्ट्रव्यापी व्यापार बंद का पटना सहित बिहार में मिला-जुला असर

पटना

जीएसटी के कुछ प्रविधानों के विरोध में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेड की ओर से आहूत राष्ट्रव्यापी व्यापार बंद का पटना  सहित बिहार में मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद समर्थक पटना में सड़क पर उतर गए हैं, और जो दुकानें बंद नहीं हैं, उनसे शटर गिराने का आग्रह कर रहे हैं।

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के बिहार के चेयरमैन कमल नोपानी ने कहा कि जीएसटी के कुछ प्रावधानों के विरोध में भारत व्यापार बंद को सभी व्यावसायिक संघों ने अपना समर्थन दिया है। बाजार में 30 फीसद के करीब दुकानें स्वत: बंद हैं। अन्य दुकानों को बंद कराने के लिए कैट की टोली पटना में घूम-घूम कर आग्रह कर रही है। डाकबंगला चौराहे से एक जत्था दुकानों को बंद करने के लिए आग्रह करने निकला जो कारगिल चौक होते हुए अशोक राजपथ पर पहुंचा। 

व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया और दुकानों का शटर गिरा दिया। उन्होंने कहा कि पटना सिटी सहित पूर्णिया, छपरा आदि जिलों में बंद का व्यापक प्रभाव है। अन्य जिलों में मिला-जुला रुख है, हालांकि जीएसटी के जिन प्रावधानों का कैट विरोध कर रहा है, उसे सभी व्यावसायिक संघ अपना समर्थन दे रहे हैं। जीएसटी का जो मूल स्वरूप है उसे 900 से अधिक बार संशोधित कर बिगाड़ दिया गया है।

अधिकारियों को इतना अधिकार दे दिया है कि वे बिना नोटिस, या सुनवाई किए बगैर ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकते हैं। मामूली चूक पर बैंक खाता सीज करने, संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। इससे व्यापारी हतोत्साहित हैं। ऐसे ही प्रावधानों का हम विरोध कर रहे हैं। सरकार से हमारी मांग है इस मसले पर गंभीरतापूर्वक विचार करे और जीएसटी से जुड़े कानूनों को लचीला बनाए जिससे हम उसका पालन कर सकें। इस बीच व्यावसायिक संगठनों में बंद को लेकर आम सहमति नहीं होने की बात भी सामने आ रही है।


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