कोरोना में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिवार वालों को मिली नौकरी

नवी मुंबई

भारतीय वायुसेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले शाहिद पुलिस कर्मी के बेटे ने आखिरकार लोगों की सेवा के लिए पुलिस में भर्ती हो गया। तीन साल ट्रेनिंग के बाद जब वह फायनल स्टेज पर पहुंचा, उसके बाद भी वह वहां से छोड़कर महाराष्ट्र पुलिस का जोइनिंग लेटर प्राप्त किया है। पिता के जाने के बाद मां का भी साया जाने की वजह से उसने पिता के बदले मिली नौकरी को स्वीकारकर ली है।  काम करते हुए कोरोना में शहीद हुए पुलिस अधिकारी और कर्मचारी के बच्चों को पिता के बदले नौकरी पर दी जा रही जी। इसी के अनुसार नवी मुंबई पुलिस में 19 पात्र उमीदवारों को नौकरी मिली है और उन्हें नियुक्ति उत्तर भी दिया गया है। तलोजा पुलिस थाने में कार्यरत शाहिद पुलिस कर्मचारी भास्कर भालेराव का लड़का ओंमकार का समावेश है। ओमकार को भारतीय वायुसेना में पायलट बनाना था। जिसके लिए उसने तीन साल का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया था, बस फायनल ट्रेनिंग चल रही थी। इस बीच जून महीने में पिता का देहांत हो गया। उसके छह महीने बाद ही मां का साया भी सिर से हट गया। इस वजह से अकेले पड़े ओमकार के सामने भविष्य को लेकर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह निर्माण हो गया था। जिसके बाद अब नवी मुंबई पुलिस ने पिता के निधन के बाद उनकी जगह पर भर्ती होने का मौका दिया है। पायलट होने का सपना अपन जहां में लिए बेटे के सामने महाराष्ट्र पुलिस में मिली नौकरी स्वीकार करूं या छोड़ दु ऐसी दुविधा निर्माण हो गई थी। अंत में उसने सोचा कि पिता के जगह पर पुलिस में नौकरी करकेभी जनता की सेवा की जा सकती है इसी वजह से उसने पुलिस की नौकरी स्वीकार ली। भर्ती के लिए लगेने वाले आवश्यक कागज पत्र मां के रहते ही लगभग पूरे हो गए थे। जिसके लिए मां ने अंतिम समय तक मदद की। इसके बाद पिता केमित्र परिवार ने बीबी नौकरी दिलाने में उनकी मदद की।  


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