गाबा में जीत के बाद रोने लगे थे लक्ष्मण


नई दिल्ली

भारतीय टीम ने गाबा में ऑस्ट्रेलिया को हराकर बॉर्डर-गावसकर ट्रोफी 2-1 से अपने नाम की थी। यह 19 जनवरी की बात है, जिसे पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे दिनों में से एक बताया है। जब ऋषभ पंत की नाबाद 89 रनों की बदौलत भारत ने 328 रनों का भारी भरकम लक्ष्य हासिल किया तो बड़-बड़े सूरमाओं के हौसले पस्त करने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज की आंखों में आंसू थे। जिसका उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 2011 वर्ल्ड कप जीत के बाद यह दूसरा मौका था, जब किसी मैच में जीत के बाद मेरी आंखें नम हो गई थीं। बता दें कि गाबा में टीम इंडिया ने पहली बार टेस्ट जीता था और ऑस्ट्रेलिया 32 सालों बाद हारा था। 

यह सीरीज जीतना बहुत बड़ी बात थी

लक्ष्मण ने कहा कि मैं चौथे टेस्ट के आखिरी दिन का मैच परिवार के साथ देख रहा था। जब पंत और वॉशिंगटन सुंदर की जोड़ी मैदान पर थी तो मैं चिंतित था, लेकिन जब ऋषभ पंत ने मैच विनिंग चौका मारा तो मैं काफी इमोशनल हो गया। मैं चाहता था कि भारत वह सीरीज अपने नाम करे। एडिलेड में बुरी हार के बाद टीम इंडिया डरी हुई है। ऐसे में यह सीरीज जीत बहुत बड़ी बात थी। लक्ष्मण ने आगे कहा कि मैं हमेशा से ऑस्ट्रेलिया को उसी के मैदान पर हराना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इन यंग प्लेयर्स पर गर्व है, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को उसी के मैदान पर हराया। यह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उस जीत की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किय जा सकता। उल्लेखनीय है कि इस दौरे पर भारतीय टीम के 10 अहम प्लेयर चोटि हुए थे, जबकि कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव के तहत पहला टेस्ट खेलने के बाद स्वदेश लौट आए थे। ऐसे में सुंदर, पंत, शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी, टी नटराजन जैसे कम अनुभवी प्लेयर्स ने मोर्चा संभाला और जीत दिलाई।


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