कोरोना की मार झेल रहे उद्यमियों की सरकार ने नहीं की मदद : पाटिल

chandrakant patil

मुंबइ

कोरोना महामारी के कारण पिछले कई महीनों से बंद औद्योगिक क्षेत्र को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा। जिसे देखते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली  केंद्र सरकार ने उद्यमियों को पर्याप्त सहायता प्रदान की। लेकिन राज्य में उध्दव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने उद्यमियों की एक भी मदद नहीं की। गुरुवार को पुणे में आयोजित भाजपा प्रदेश की उद्योग पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने यह बात कही। 

कोरोना महामारी के कारण देश सहित पूरी दुनिया की आर्थिक संकट से जूझ रही है। ऐसे में उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने उद्यमियों को इस संकट से निकलने के  लिए अनेक निर्णय लिया, लेकिन इसमें  उद्यमियों को अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए एक एक्सटेंशन दिया गया था। उसी समय, उन्होंने ऋण पर ब्याज को माफ कर दिया और एक बड़ी राहत दी। लेकिन राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने  उद्यमियों के लिए कुछ नहीं किया। 

लॉकडाउन में सभी उद्योग बंद होने के बावजूद उनसे पानी का बिल वसूला गया। बिजली का उपयोग न करने पर भी बिलों की जबरन वसूल कर रही है। राज्य सरकार ने विभिन्न कर एकत्र किए। पाटिल ने कहा कि कोरोना काल के दौरान टैक्सी, रिक्शा बंद होने के कारण बड़ी संख्या में चालकों का रोजगार बंद हो गया प्रवासी मजदूर सड़क पर आए गए लेकिन सरकार इन सभी गरीबो की भी मदद नहीं की। पार्टी की उद्योग आघाड़ी  को सुझाव देते हुए पाटिल ने कहा कि उद्योग से जुड़े लोगों को राज्य सरकार से औद्योगिक क्षेत्र के पानी और बिजली बिल  माफ करने की मांग करनी चाहिए। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पाटिल ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण  देश के अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में सर्वाधिक कोरोना संक्रमित और सबसे अधिक मरीजों की मृत्यु हुई। देश की आर्थिक राजधानी के कारण यहां बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए आए है। लेकिन इस कोरोना काल के दौरान भारी संख्या में उद्योग बंद पड़े हुए है, लेकिन सरकार उन्हें दोबारा पटरी पर लाने के लिए उद्यमियों की कोई मदद नहीं कर रही है।


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