सीएम ने किया पालघर का दौरा

अधिकारियों को दिए निर्देश

uddhav thackeray

मुंबई

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शुक्रवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर आदिवासी बहुल पालघर के जव्हार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन की विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं और विस्तृत समुद्री तट भी हैं। इसके लिए जिले में स्थित पर्यटन स्थलों को प्रमोट कर अधिक से अधिक सैलानियों को जिले के पर्यटन स्थलों के भ्रमण हेतु आकर्षित किया जा सकता है। जिससे जिले में स्थित ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन से जुड़े प्राकृतिक स्थल पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकेंगे। स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेंगी। 

कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य सरकारी भवनों का काम जल्द पूरा होगा और नागरिकों के लिए उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करके समाज के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पालघर में सरकार लगातार परिवहन, रोजगार और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने जामसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कॉटेज हॉस्पिटल,आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों को उपलब्ध करवाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यहां की कलाकृतियों की प्रशंसा की। 

इस दौरान जिले के पालक मंत्री दादाजी भुसे, जिला परिषद की अध्यक्ष भारती कामडी, महिला आर्थिक निगम की अध्यक्ष ज्योति ठाकरे, सांसद राजेंद्र गावित, विधायक श्रीनिवास वनगा, सुनील भुसारा, रवींद्र फाटक, कोंकण विभाग के आयुक्त अन्नासाहेब मिशाल, कोंकण पुलिस के महानिरीक्षक संजय मोहिते जिला कलेक्टर डॉ. माणिक गुरसल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धाराम सालीमठ,वसई विरार नगर आयुक्त डी. गंगाधरन, सहायक कलेक्टर आशिमा मित्तल, पी.नायर के साथ-साथ जिले के उच्च अधिकारी और आम लोग मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर प्रशासन ने उस रास्ते को चमकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जहां से मुख्यमंत्री को गुजरना था। खस्ताहाल सड़कों को लेकर लोगों की लगातार आने वाले शिकायतों को कचरे की पेटी में डालने वाले अधिकारियों ने सड़कों को सजाने और संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइट्स को भी दुरुस्त किया गया। आवश्यक्तानुसार जगह-जगह रंगाई पुताई का भी खूब दौर चला। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद से ही स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में पूरी ताकत झोंक रखी थी, लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह दुरुस्तीकरण सिर्फ वहीं पर हुआ जहां से मुख्यमंत्री को जाना था।

  सड़कें सुधरने के बाद लोग बोले काश मुख्यमंत्री हर दूसरे महीने यहां आते। जव्हार के अन्य क्षेत्रों की गड्ढायुक्त सड़कें अब भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इनकी दशा शायद इसलिए भी नहीं सुधरी क्योंकि अभी तक यहां से मुख्यमंत्री का काफिला नहीं गुजरा है। ऐसा पहली बार नहीं है, पूर्व में भी सीएम के आगमन की सूचना मिलते ही प्रशासन हर उस रास्ते को दुरुस्त करता रहता है जहां से भी उनके काफिले का रूट तय होता है। शेष रास्तों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।


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