वित्तमंत्री सीतारमण आज पेश करेंगी तीसरा बजट


नई दिल्‍ली

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी। यह उनका तीसरा बजट होगा। यह कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। बजट के इतिहास में पहली बार है जब यह पेपर पर नहीं छपेगा। कोरोना की महामारी के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला किया है। सीतारमण ने कहा था कि भारत ने 100 साल में ऐसा बजट नहीं देखा होगा, जैसा इस बार आएगा। इससे लोगों की इस बजट को लेकर अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं। सीतारमण ने पिछले साल के बजट में कई बड़ी घोषणाएं की थीं। 

टैक्स स्लैब में किया था बदलाव

सीतारमण ने सुस्ती के दौर में लोगों को खर्च करने को उत्साहित करने के लिए टैक्स स्लैब्स में कई बदलाव किए थे। पहले स्‍लैब में ढाई लाख की आमदनी वालों को टैक्‍स से छूट दी गई थी। दूसरे स्‍लैब में ढाई लाख से पांच लाख रुपये तक पांच फीसद की दर से टैक्‍स लगाने की घोषणा की गई थी। 5-7.5 लाख तक कमाई वाले लोगों के लिए टैक्स की दर 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई थी। इसी तरह 7.5 से 10 लाख तक जिनकी आमदनी है, उनके लिए कर की दर 20 फीसदी से घटाकर 15 प्रतिशत की गई थी। 10-12.5 लाख कमाई वालों के लिए इसे 30 प्रतिशत से घटाकर 20 फीसदी किया गया था। 12 से 15 लाख तक कमाई वालों के लिए टैक्स की दर 30 फीसदी से घटाकर 25 प्रतिशत की गई थी। 15 लाख रुपये से ज्यादा कमाई वालों के लिए इसे 30 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया था।

बैंक डिपॉजिट पर किया था ये ऐलान

सीतारमण ने ग्राहकों के बैंक डिपॉजिट को लेकर भी बड़ा ऐलान किया था। उन्‍होंने कहा था कि अब बैंक जमा पर ग्राहकों को पांच लाख रुपये तक की गारंटी मिलेगी यानी बैंक के डूब जाने के बाद भी आपके पांच लाख रुपये बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे। दूसरे शब्‍दों में यूं समझें कि बैंकों में पैसा जमा कराने वाले ग्राहकों के लिए इंश्योरेंस कवर जो पहले एक लाख रुपये था उसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया था। यानी बैंक अगर डूब भी जाता है तो ग्राहक का पूरा पैसा नहीं मारा जाएगा। उसकी पांच लाख रुपये तक की रकम उसे वापस की जाएगी। सितंबर 2019 में PMC बैंक में कामकाज बंद हो जाने से ग्राहकों की जमा रकम के डूबने का खतरा पैदा हो गया था जिसके कारण ग्राहकों ने व्‍यापक विरोध प्रदर्शन किया था।

किसानों के बारे में ये थी घोषणा

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा था कि सरकार साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 16 अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने इन 16 योजनाओं के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला लिया है। इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है। सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद देगी। जल संकट से प्रभावित 100 जिलों के लिए विस्तृत योजना लाई जाएगी और 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। उन्‍होंने यह भी बताया था कि किसानों को 15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता को 08 मिलियन टन जबकि फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन रखा है।

रेलवे के लिए क्या कहा था सीतारमण ने

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने रेलवे के लिए बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा था कि सरकार 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगी। 150 ट्रेनें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए शुरू की जाएंगी। उन्‍होंने बताया था कि सरकार की योजना तेजस जैसी और ट्रेनों के माध्यम से प्रसिद्ध स्थलों को जोड़ने की है। यही नहीं चार स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन योजनाओं पर 18,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल पटरियों के किनारे सोलर पॉवर ग्रिड बनेंगे। 148 किलोमीटर में बेंगलुरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनेगा।


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