31 मार्च के बाद नहीं भेज पाएंगे ओटीपी


नई दिल्ली

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 40 ऐसी चूक करने वाली यानी डिफॉल्टर इकाइयों की सूची जारी की, जो थोक वाणिज्यिक संदेशों को लेकर नियामकीय नियमों को पूरा नहीं कर रही हैं। इन प्रमुख इकाइयों को इस बारे में कई बार बताया जा चुका है। इनमें एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।  इस मुद्दे पर अपना रुख कड़ा करते हुए नियामक ने कहा है कि डिफॉल्ट करने वाली इकाइयों को इन नियमों को 31 मार्च, 2021 तक पूरा करना होगा। ऐसा नहीं होने पर एक अप्रैल, 2021 से उनका ग्राहकों के साथ संचार बाधित हो सकता है। ट्राई ने बयान में कहा कि प्रमुख इकाइयों/टेली मार्केटिंग कंपनियों को नियामकीय अनिवार्यताओं को पूरा करने के लिए समुचित अवसर दिया जा चुका है। उपभोक्ताओं को नियामकीय लाभ से और वंचित नहीं रखा जा सकता। इसी के मद्देनजर तय किया गया है कि यदि एक अप्रैल से कोई संदेश नियामकीय जरूरतों को अनुपालन नहीं करता है, तो प्रणाली द्वारा उसे रोक दिया जाएगा। 

ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी पर आधारित ट्राई के वाणिज्यिक संदेशों के नियमों का मकसद अवांछित तथा धोखाधड़ी वाले संदेशों पर अंकुश लगाना है। नियमों के तहत वाणिज्यिक टेक्स्ट संदेश भेजने वाली इकाइयों को मैसेज हेडर और टेम्पलेट को दूसरसंचार ऑपरेटरों के पास पंजीकृत कराना होगा। प्रयोगकर्ता इकाइयों मसलन बैंक, भुगतान कंपनियों और अन्य के पास जब एसएमएस और ओटीपी जाएगा, तो उसकी जांच ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत टेम्पलेट से की जाएगी। इस प्रक्रिया को एसएमएस स्क्रबिंग कहा जाता है। ट्राई ने दूरसंचार सेवाप्रदाताओं द्वारा जमा कराए गए स्क्रबिंग डाटा और रिपोर्ट का विश्लेषण किया है। उसकी इस बारे में टेली मार्केटिंग कंपनियों/एग्रीगेटर के साथ 25 मार्च, 2021 को बैठक भी हो चुकी है।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget