यूपी में 4 साल में रोजगार की बहार

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार  के 4 साल का कार्यकाल 19 मार्च को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में जहां एक तरफ अलग-अलग मोर्चों पर सरकार अपनी पीठ थपथपाती दिखाई दे रही है, तो वहीं विपक्ष सरकार के कामकाज के आकलन के जरिए 2022 के चुनाव की गोटियां सेट करने में जुटा है। वैसे तो विपक्ष सरकार को लगभग हर मोर्चे पर विफल बता रहा है, लेकिन रोजगार के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के अलावा कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी भी करती नजर आ चुकी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये अपने लोक संकल्प पत्र के वादे में भाजपा की तरफ से जितने रोजगार का सपना दिखाया था वो सरकार के 4 साल पूरे होने पर कितना परवान चढ़ पाया है। जवाब के तौर पर सरकार ने भी आंकड़ों का खर्रा तैयार कर लिया है जिसके तहत विभागावार रोजगार के आंकड़े गिनाए जा रहे हैं। 

इसके अलावा योगी सरकार ने विभिन्‍न विभागों में 86000 पदों पर पर भर्ती की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है। इसके बावजूद विपक्ष योगी सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है।आंकड़े जारी करने के साथ ही सरकार ने मिशन रोजगार के तहत 2022 के चुनाव का एजेंडा भी सेट कर लिया है। यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा का कहना है कि पिछली सरकारों में सारी भर्तियां भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं, लेकिन अब योगी सरकार में हर भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी है और हर नौजवान को उसकी दक्षता के अनुरूप रोजगार भी दिया जा रहा है। वहीं विपक्ष सरकार के इन आंकड़ों को एक सिरे से खारिज कर रहा है। विपक्ष का ये कहना है कि सरकार ने रोजगार के नाम पर नौजवानो को सिर्फ छला है। उनके सपनों को कुचला है। विपक्ष के आरोप प्रत्यारोप के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति गरम इसलिए भी है क्‍योंकि एक तरफ सरकार 4 साल का कार्यकाल पूरे होने का जश्‍न मना रही है, तो वहीं फिक्र 2022 के चुनाव की भी है।


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