464 जर्जर इमारतों का म्हाडा करेगी पुनर्विकास

MHADA

मुंबइ

मुंबई की 464 उपकर प्राप्त पुरानी जर्जर इमारतों का म्हाडा के माध्यम से पुनर्विकास किया जाएगा। यह घोषणा मंगलवार को महाराष्ट्र के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने की। शिवसेना विधायक सुनिल प्रभु व अन्य ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से यह मसला उठाया। अपने लिखित जवाब में गृह निर्माण मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद जिन पुनर्विकास के प्रोजेक्ट को इमारत मालिकों व बिल्डरों ने अधूरा छोड़ रखा है। उसे कब्जे में लेकर म्हाडा के माध्यम से पुनर्विकास किया जाएगा। आव्हाड के अनुसार मुंबई की जर्जर व खतरनाक उपकर प्राप्त इमारतों का पुनर्विकास तीव्र गति से करने के लिए म्हाडा अधिनियम 1976 में संसोधन करने के विधेयक को 2020 के मानसून सत्र में सदन ने मंजूरी दी गई है। राज्यपाल ने भी इस विधेयक को मान्यता दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना फिलहाल बाकी है। गृह निर्माण मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि सितंबर-2020 तक करीब 464 प्रोजेक्ट संचालकों ने विकास नियंत्रण नियमावली 33 (7) के तहत एनओसी लेने के बावजूद काम  शुरू नहीं किया था। ऐसे 372 प्रोजेक्ट को फरवरी 2021 तक नोटिस जारी किया था। विधायक प्रभु के एक लिखित तारांकित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए आवश्यक निधि के बारे में फैसला म्हाडा अधिनियम में प्रस्तावित संसोधन को मंजूरी मिलने के बाद लिया जाएगा।


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