डराने लगी कोरोना की रफ्तार

लॉकडाउन के संकेत, विरोध की आवाज तेज

lockdown

मुंबई

मुंबई सहित महाराष्ट्र में कोरोना की डरावनी हुई रफ्तार के बीच मुख्यमंत्री द्वारा लॉकडाउन का संकेत दिए जाने से लोगों में भय और नाराजगी साफ दिखाई देने लगी है। एेसी स्थिति में सरकार के सामने महामारी कोरोना पर लगाम लगाने की विकट चुनौती आन पड़ी है।

रविवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई टास्क फोर्स की अहम बैठक में उद्धव ठाकरे ने संकेत दिया कि अगर संक्रमण रोकने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया तो संपूर्ण राज्य में दोबारा लॉकडाउन लगाया जाएगा। उन्होंने मंत्रालय सहित सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया और 50 फीसदी कर्मचारी बुलाने का सख्ती से पालन नहीं करने पर निजी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों को लॉकडाउन के लिए तैयार रहने को कहा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, टास्क फोर्स के डॉक्टरों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। 

रविवार को महाराष्ट्र में 24 घंटे के अंदर 40 हजार से अधिक कोरोना केस दर्ज किए गए थे। सोमवार को 31,643 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं मुंबई में सोमवार को 5890 नए रोगी मिले और कुल रोगियों की संख्या बढ़कर 404614 तक जा पहुंची है। अभी तक मुंबई में 11,665 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

रविवार को हुई टास्क फोर्स की बैठक के शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की तेजी से बढ़ती घटनाओं के कारण, सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं, विशेष रूप से बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की जरूरत अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गई है। संक्रमण बढ़ने के कारण स्वास्थ्य सुविधा की कमी पड़ रही है।

टास्क फोर्स के डॉक्टरों ने यह भी बताया कि संक्रमण में वृद्धि होने से मौतों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है, विशेष रूप से समय पर टेस्ट न करवाने और अस्पताल में भर्ती होने में देरी और आइसोलेशन एवं कोरेंटाइन के नियमों का पालन न करने पर मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक ओर हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था को खराब होने बचाएं, लेकिन ऐसे कई कारक अभी भी हैं जो इस जारी दिशा-निर्देशों का न तो ठीक से पालन कर रहे हैं और न ही इसे गंभीरता से ले रहे हैं।  एेसी स्थिति में लॉकडाउन ही विकल्प बचता है।

लॉकडाउन के पक्ष में नहीं राकांपा

राकांपा भी लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है। मंत्री और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि लॉकडाउन महाराष्ट्र की जनता के लिए ठीक नहीं होगा। हमने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी लॉकडाउन लगाने का फैसला नहीं लिया गया है और समय हाथ से गया नहीं है। यदि लोगों ने नियमों का पालन किया तो लॉकडाउन को टाला जा सकता है। 

मुख्यमंत्री को आनंद महिंद्रा की सलाह

राज्य में लॉकडाउन लगने की अटकलों के बीच उद्योगपति और महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट कर मुख्यमंत्री को सलाह दी है। अपने ट्वीट में आनंद महिंद्रा ने कहा कि उद्धव जी समस्या यह है कि लॉकडाउन की वजह से सबसे अधिक नुकसान गरीब, प्रवासी मजदूरों और छोटे व्यापारियों को होता है। मूल लॉकडाउन इसलिए लागू किया गया था कि ताकि अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को स्थापित करने में वक्त मिल सके। हमें अपने हेल्थकेयर सिस्टम पर ध्यान देकर मौतों की संख्या में कमी लानी होगी।

लॉकडाउन का विरोध करेगी भाजपा   

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को एक रुपए का पैकेज नहीं दे रही है, लेकिन कोरोना के नियंत्रण के नाम पर लॉकडाउन लगाना चाहती है तो हम इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मातोश्री में बैठकर लॉकडाउन से आम लोगों को होने वाली परेशानी कैसे पता चलेगी?


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