बंगाल व असम में योगी की धूम

 इस समय हर तरफ योगी मॉडल चर्चा में है। चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार की उपलब्धियां अभूतपूर्व रही है। अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में यूपी नम्बर वन बना है। यही कारण है कि योगी आदित्यनाथ जब अन्य प्रदेशों में चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं तो वहां के लोग उनकी बातों पर विश्वास करते हैं। पार्टी को इसका लाभ मिलता है। बिहार के बाद बंगाल व असम में भी वही उत्साह दिखाई दे रहा है। योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के बाद असम में भाजपा की चुनाव रैलियों को संबोधित किया। पश्चिम बंगाल में उनके निशाने पर तृणमूल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी व कांग्रेस पार्टी रही। इन पार्टियों के नाम तो अलग-अलग हैं, लेकिन इनकी विचारधारा व शासन संचालन के अंदाज में कोई अंतर नहीं रहा। योगी के एक तीर ने इन तीनों पार्टियों को छलनी किया। इनके सेक्युलर विचार में तुष्टिकरण रहा है। इसके चलते यहां विदेशी घुसपैठियों से सहानुभूति दिखाई गई। अब यही लोग पश्चिम बंगाल के लोगों के संसाधनों में हिस्सेदारी कर रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार अपनी राजनीति के कारण केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू नहीं कर रही हैं। योगी आदित्यनाथ यह बताना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल का चुनाव, मात्र सरकार बदलने के लिए नहीं है, यह व्यवस्था में बदलाव का भी अवसर है। विपक्ष की तीनों पार्टियां व्यवस्था में बदलाव नहीं कर सकती। क्योंकि इनकी विचारधारा ही इसके अनुरूप नहीं है। ये यथास्थिति के हिमायती हैं। जबकि भाजपा सत्ता के साथ व्यवस्था में बदलाव करती है। वह सबका साथ, सबका विश्वास के विचार पर आधारित सुशासन की स्थापना करती है।

इस संकल्प को योगी आदित्यनाथ असम से जोड़ते हैं। असम में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस प्रदेश में व्यवस्था बदली है। यही कारण है कि यह प्रदेश विकास की मुख्यधारा में शामिल हुआ है। यहां विदेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्ती दिखाई गई। यहां के लोगों को संसाधनों का लाभ मिलना सुनिश्चित कराया गया। दोनों ही प्रदेशों में योगी की जनसभाओं में भारी भीड़ उमड़ी। यहां उपस्थित सभी लोगों में उत्साह देखा गया। योगी कहते हैं कि वह श्रीराम व श्रीकृष्ण की जन्मस्थली से असम व बंगाल की तपोभूमि पर आए हैं। आमजन जयश्री राम का उद्घोष करते हैं। बिहार, केरल आदि प्रदेशों में भी योगी के प्रति ऐसा ही उत्साह देखा गया था। उन्होंने असम की होजाई विधानसभा, कलाईगांव विधानसभा, रंगिया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया।

 इससे पहले योगी गुवाहटी स्थित मां कामाख्या मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने दर्शन करने के साथ पूजा-पाठ किया। बंगाल में योगी ने कहा था कि रैली से पहले अब ममता मां चंडी के दर्शन कर रही हैं, ये परिवर्तन नहीं तो और क्या है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शंकरदेव ने हमें घुसपैठ की समस्या के प्रति सचेत किया था और इसलिए कांग्रेस शंकरदेव को कभी बर्दाश्त नहीं कर पाई। कांग्रेस की नीति समृद्धि नहीं, तुष्टिकरण और येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने की थी। इसकी कीमत लंबे समय तक असमवासियों को उग्रवाद के रूप में चुकानी पड़ी। कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण असम को उग्रवाद के रूप में कीमत चुकानी पड़ी। कामख्या मंदिर में जय श्रीराम के नारे सुनकर आनंद मिला। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में श्रीराम मंदिर का सपना पूरा हुआ। राम के बिना भारत का काम नहीं चल सकता। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राममंदिर का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि भारत का काम राम के बिना नहीं चल सकता। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तीन तलाक को लेकर कानून बनाया गया। तीन तलाक कहने वाले लोग जेल जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई, अब असम का व्यक्ति भी वहां जाकर रह सकता है। बहुत सारे क्षेत्रों में घुसपैठियों ने कांग्रेस की नीतियों के चलते पैठ बनाकर राष्ट्र के लिए खतरा पैदा कर दिया था। कांग्रेस की नीति आपकी खुशहाली नहीं रही। भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास कर रही है, लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं। इसी सिद्धांत के साथ आज सरकार काम कर रही है। पहले पूर्वोत्तर विकास की आस देखता रहता था। पहले की सरकारों के एजेंडे में पूर्वोत्तर का विकास कभी नहीं रहा। लेकिन नरेंद्र मोदी ने इस धारणा को बदला। आज इसका परिणाम असम समेत पूरा पूर्वोत्तर देख रहा है।

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