एबॅट ने की न्यूट्रीशन सोसायटी ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी

abbott

मुंबई

 मुंबई में टाबॉलिक सिंड्रोम और संबंधित गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआइ) स्थितियों के मामले भारत में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। 33.5 फीसदी भारतीय मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित हैं। सिंड्रोम की वजह से मरीजों में टाइप 2 डायबिटीज और हृदय संबंधी रोग होने का जोखिम बढ़ जाता है। डाइट और लाइफस्टाइल गैस्ट्रोइंटेस्टाइल बीमारियों के व्यापक परिदृश्य को प्रबंधित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। भारत में जीवनशैली से संबंधित क्रॉनिक स्थितियों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर, हमें डाइट और जीवनशैली में बदलाव पर जोर देने के साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइल रोग प्रबंधन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को टालने या उन्हें रोकने में मदद मिल सकती है।

इस जरूरत को महसूस करते हुए, एबॅट ने न्यूट्रीशन सोसायटी ऑफ इंडिया (एनएसआइ) के साथ साझेदारी की है ताकि जीआइ की स्थिति का सामना कर रहे मरीजों के लिए पहली भारत-विशिष्‍ट क्लिनिकल डाइटरी अनुशंसाओं के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। 


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