भाजपा त्‍यागपत्र पर अड़ी राकांपा ने किया इंकार

लेटर बम मामला : देशमुख के इस्‍तीफे पर घमासान

sharad pawar

नई दिल्‍ली/ मुंबई

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्‍त परमबीर सिंह के लेटर बम धमाके के बाद रविवार दिन भर मुंबई और दिल्‍ली में राजनीतिक गहमागहमी तेज रही। भाजपा ने जहां एक ओर गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्‍तीफे की मांग को लेकर राज्‍यव्‍यापी विरोध प्रदर्शन किया और स्‍वेच्‍छा से इस्‍तीफा न देने पर उनकी बर्खास्‍ती की मांग की, वहीं दूसरी तरफ राकांपा प्रमुख शरद पवार ने नई दिल्‍ली में सुबह एक- दो दिन में फैसला लेने की बात कही, लेकिन देर शाम पार्टी ने अपना रुख बदलते हुए स्‍पष्‍ट किया कि गृह मंत्री का इस्‍तीफा नहीं लिया जाएगा। शरद पवार के घर करीब 3 घंटे तक चली अहम बैठक में राकांपा प्रदेश अध्‍यक्ष जयंत पाटिल, उपमुख्‍यमंत्री अजित पवार, वरिष्‍ठ नेता प्रफुल्‍ल पटेल और सांसद सुप्रिया सुले शामिल थी। इस बैठक के पूर्व रविवार को शरद पवार ने कांग्रेस नेता कमलनाथ और शिवसेना सांसद संजय राऊत से भी चर्चा की थी।

राकांपा नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की जरूरत नहीं है।  उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।  एटीएस और एनआईए मामले की जांच कर रही है।  

पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार अच्छे तरीके से जांच करेगी, कोई भी अधिकारी चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना हो। यह सरकार का निश्चय है। इस पत्र से जांच को विचलित करने का प्रयास किया गया है। फिलहाल अनिल देशमुख के इस्तीफे की जरूरत नहीं है।  

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली के आरोपों के बाद आघाड़ी सरकार में हलचल तेज हो गई है। ऐसे में एनसीपी चीफ संग गठबंधन के नेताओं की बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही थी।

शरद पवार ने कहा कि परमबीर सिंह के पत्र के दो भाग हैं, एक गृहमंत्री पर लगे आरोप, दूसरा, डेलकर प्रकरण, लेकिन परमबीर सिंह के पत्र में उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। पत्र में परमबीर सिंह ने यह नहीं लिखा है कि उन्होंने पैसे किसे दिए, कैसे दिए? पत्र में कहीं उल्लेख नहीं है कि उन्होंने पैसे होम मिनिस्टर को दिया। 

शरद पवार ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि सचिन वझे की सेवा बहाल करने का निर्णय परमबीर सिंह का ही था। यह निर्णय मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का नहीं था।

‘सरकार स्थिर, सरकार को कोई खतरा नहीं’

सरकार की स्थिरता पर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा कि सरकार स्थिर है सरकार पर कोई खतरा नहीं। मुंबई पुलिस की छवि खराब हुई है, सरकार की छवि पर कोई असर नहीं हुआ है। इस सवाल के जवाब में कि क्या इस पूरे प्रकरण में उनकी किसी से बात हुई है? इस पर शरद पवार ने कहा कि उनकी इस बारे में सिर्फ मुख्यमंत्री से बात हुई और किसी से नहीं।



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