पचास से अधिक प्रजाति के पेड़ों का संवर्धन

मुंबई

ईको फ्रेंडली पर्यारवण बनाने के लिए कम जगहों में अधिक पेड़ पौधों से गार्डन बनाने की शुरुआत की गई है। मनपा ने पचास से अधिक प्रजाति के पेड़ों का संवर्धन एवं संरक्षण करने के लिए 43 स्थानों पर मियावाकी गार्डन तैयार किया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 26 जनवरी को वडाला में पौधारोपण कर ‘मियावाकी’ वन परियोजना की शुरुआत की थी। 43 स्थानों पर 50 से अधिक प्रजातियों के दो लाख 21 हजार 405 पौधे लगाए गए हैं। जापानी पद्धति से मुंबई शहर व उपनगर में जगह-जगह लगाए जा रहे मियावाकी वन मुंबई में ऑक्सीजन के नए स्रोत बन रहे हैं। इसके तहत कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं। साथ ही सामान्य पौधों के मुकाबले इसमें लगे पौधे कम समय में तेजी से बढ़ते हैं। इससे काफी कम समय में वन तैयार हो जाता है। मियावाकी वन में चिंच, पलस, बेहड़ा, सावर, रतन गुंज, साग, सीताफल, बेल, पारिजातक, बांस, अमरूद, अशोक, जामुन, बादाम, रीठा, सीशम, अर्जुन, आंवला, कदंब आदि पौधे शामिल हैं। सबसे अधिक 38 हजार 829 पौधे आईमैक्स थियेटर के पास भक्तिपार्क उद्यान में लगाए गए हैं। एल-वार्ड में एक वन में 27 हजार 900 पौधे लगाए गए हैं। चेंबूर में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के पास एक जगह 21 हजार पौधे, मालाड में 18700 पौधे एक मियावाकी वन में लगे हैं।


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