'विस्फोटक कार' मामले में बड़ा धमाका

कार के मालिक का मिला शव

mansukh hiren

मुंबई

राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर एंटीलिया के पास विस्फोटक से लदी स्कार्पियो कार मिलने की घटना की जांच आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) करेगी। विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने इस मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की थी। इस मामले को लेकर दिनभर हलचल तेज रही। स्कार्पियो कार मालिक मनसुख हिरेन का शव शुक्रवार को सुबह ठाणे की कलवा खाड़ी में बरामद किया गया। हिरेन के परिवार ने ठाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। ठाणे पुलिस ने एडीआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

सचिन वझे की भूमिका संदिग्ध: फड़नवीस

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने यह मामला उठाते हुए कहा कि मुंबई क्राइम ब्रांच में तैनात एपीआई सचिन वझे की भूमिका इस मामले में संदिग्ध है। उन्होंने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की है। फड़नवीस ने इस बात पर हैरानी प्रकट की कि गाड़ी के पास स्थानीय पुलिस से पहले सचिन वझे पहुंच गए और धमकी भरा पत्र भी उन्होंने ही बरामद किया। उन्होंने यह भी बताया कि 8 जून और 25 जुलाई 2020 के अलावा दूसरे कई दिन हिरेन और वझे के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने दावा किया कि हिरेन ठाणे में अपनी गाड़ी बंद होने के बाद क्राफर्ड मार्केट गए थे।

किससे मिले थे हिरेन? 

फड़नवीस ने कहा कि हिरेन यहां किससे मिले? यह सबसे अहम कड़ी है। जो ओला बुक कर हिरेन क्राफर्ड मार्केट पहुंचे थे, उससे पूछताछ में अहम खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि वझे ठाणे में रहते हैं और वारदात में इस्तेमाल दोनों कारें भी ठाणे से ही आईं। वझे को ही मामले की जांच का जिम्मा भी सौंप दिया गया। 

एक टेलीग्राम चैनल पर जैश उल हिंद का जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट डाला गया। इसके बाद जैश उल हिंद ने इसे गलत करार दिया। हैरानी की बात ये है कि सात दिनों तक इस मामले की जांच वझे ही करते रहे। फड़नवीस ने हिरेन को सुरक्षा देने की मांग की थी, लेकिन उसके थोड़ी ही देर बाद उनकी मौत की खबर आ गई।  

पुलिस जांच में समक्ष: देशमुख

गृहमंत्री अनिल देशमुख ने एनआईए जांच की मांग ठुकराते हुए कहा कि महाराष्ट्र पुलिस मामले की जांच करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हिरेन मनसुख कार के मालिक नहीं थे, यह कार सैम पीटर न्यूटन नाम के व्यक्ति की है। इंटीरियर का पैसा नहीं देने पर हिरेन ने यह कार उनसे ले ली थी। देशमुख ने कहा कि मुंब्रा के रेती बंदर में मनसुख का शव मिला है। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। मंत्री देशमुख ने दावा किया कि शव के हाथ बंधे हुए नहीं थे। पोस्टमार्टम में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। देशमुख ने भाजपा सदस्यों से सवाल किया कि क्या आप सचिन वझे से इस वजह से तो नाराज नहीं है कि उन्होंने अर्णब गोस्वामी को सात दिन जेल में रखा।

देशमुख के बयान के बाद फड़नवीस ने कहा कि सचिन वझे कौन है? मैंने उसे कभी देखा भी नहीं, लेकिन मैं इतने सबूत दे रहा हूं तो इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। कांग्रेस के नाना पटोले ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी खुद जांच ले सकती है, उसके पास अधिकार है। भीमा कोरेगांव मामले में यह हो चुका है। इसके बाद फड़नवीस ने कहा कि वे खुद केंद्रीय गृहमंत्री से मामले की जांच के लिए अपील करेंगे।

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