वितरण प्रणाली पर साइबर हमला संभव नहीं: बावनकुले

आज भी किया जाता है मैन्युली ऑपरेट

bavankule

मुंबई

राज्य के पूर्व बिजली मंत्री और भाजपा के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र की बिजली वितरण प्रणाली पर साइबर हमला संभव नहीं है, क्योंकि इसे  अभी भी मैन्युल रूप से ऑपरेट किया जाता है। उन्होंने केंद्र से इस मामले की जांच कराने की मांग की। बावनकुले ने नागपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में आरोप लगाया कि महाविकास आघाड़ी सरकार खुद की विफलता को छुपाने के लिए चीन के साइबर हमले की वजह से मुंबई के अंधेरे में डूबने की कपोल कल्पित खबरें फैलाकर जनता को मूर्ख बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर 2020 को मुंबई के अंधेरे में डूबने की वजह ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और समन्वय का अभाव था, लेकिन इस विफलता को छुपाने के लिए गृह मंत्री और ऊर्जा मंत्री चीन के साइबर हमले का कारण देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। एक खबर के आधार पर कोई आईपीएस अधिकारी रिपोर्ट तैयार करता है, और उसमें अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप का उल्लेख करता है। ऐसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट पर कोई पुष्टि नहीं करते हुए गृहमंत्री सीधे प्रेस काफ्रेंस लेकर अपनी जवाबदारी से हाथ झटक रहे हैं, यह बेहद गंभीर बात है। अगर कोई देश इस घटना में शामिल है, तो राज्य ने केंद्र सरकार के साथ इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया है? यह हैरानी की बात है कि विदेश विभाग और रक्षा विभाग के समक्ष यह मामला राज्य सरकार ने क्यों नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर के पूर्व मुंबई में बिजली आपूर्ति करने वाली चार लाइनों में से दो लाइन बंद पड़ गई थी, ऐसे में संपूर्ण लोड कलवा-पडघा पर आ गया, जिससे यह लाइन बंद हो गई। इसके बाद खारघर की चौथी लाइन को खुद ऑपरेटर्स ने बंद कर दी। अधिकारियों ने समय-समय पर मरम्मत का काम नहीं किया और समन्वय के अभाव की वजह से मुंबई अंधेरे में डूब गई थी। बावनकुले ने कहा कि जनता को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का आश्वासन पूरा नहीं करने, अनाप-शनाप बिलों को रद्द करने का आश्वासन पूरा नहीं करने, बिजली कनेक्शन काटने के नोटिस से परेशान जनता का ध्यान भटकाने के लिए चीन पर साइबर हमले का आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास महाविकास आघाड़ी सरकार कर रही है। हम इसका विरोध करते हैं।


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