विकास की नई राह पर उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सरकार अपने कार्य काल के चार वर्ष पूरी कर चुकी है. अगले वर्ष चुनाव है. चार साल में उत्तर प्रदेश में जो कुछ हुआ है उसे अभूतपूर्व कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. इसके पहले देश के इस सबसे बड़े सूबे का नाम देशभर को मानव बल आपूर्ति करने का केन्द्र के रूप में मशहूर था लेंकिन इन चार सालों में और कई चीजों के लिए उत्तर प्रदेश मशहूर हो रहा है। भगवान राम और कृष्ण की जन्मस्थली यह प्रदेश विकास की दृष्टि से देश के बीमारू राज्यों में शामिल था. मूलभूत सुविधाओं का नितांत अभाव और कानून व्यवस्था की खस्ता हालत एक अन्य ही कहानी पेश करते नजर आते थे. जाति, धर्म, अगड़ा-पिछड़ा अल्पसंख्यक परस्ती का खुला खेल और अपराधिक तत्वों की काली करतूतें आदि मिलकर एक ऐसी निराशाजनक तस्वीर पेश करती थी कि बड़ा से बड़ा आशावादी सोच रखने वाला व्यक्ति यह कहने को बाध्य हो जाता था कि क्या इसका भी कभी सुधार होगा? इस राज्य में एक बड़े हिस्से के लिए बिजली और अच्छी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं लक्जरी के समान थीं. चार साल पहले हुए चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला और उसे सरकार बनाने का अवसर मिला और उसका नेतृत्व योगी आदित्यनाथ को मिला। पहले ही दिन से उनकी सरकार ने लगभग तीन दशकों से लगातार बढ़ते रहने का कीर्तिमान बनाने वाली इन नकारात्मकताओं से दो-दो हाथ करना शुरू किया और उक्त सभी नकारात्मक वादों को एक तरफ रखते हुए राज्य को एक इकाई मानकर जिस क्षेत्र में जिस बात की जरूरत थी या जैसी सुविधा की कमी थी उसको खड़ा करने पर बल दिया. विकास के लिए अभिशाप बनी कानून व्यवस्था की स्थिति सही करने के लिए उसके खिलाफ राज्यव्यापी सख्त अभियान छेड़ा गया, उनके अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और असामाजिक तत्वों को या तो पलायन का रुख करने यह सीखचों में बंद  होने का ही विकल्प बकाया रखा. शासन कैसे चलाया जाता है, जिससे राज्य का विकास हो और उसका फल राज्य के हर रियाया तक पहुंचे यह योगी युग में उत्तर प्रदेश के लोगों ने महसूस किया. आज देश-दुनिया भी इसे मान रही है, अब उत्तर प्रदेश चल चुका है. आज गांव-शहर हर जगह विकास की गंगोत्री के दर्शन हो रहे हैं, आज निवेशक, उद्यमी सब उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए कतारबद्ध हैं तीर्थ स्थान, शहर, गांव, किसान, मजदूर सब पर इसका असर दिख रहा है. राज्य की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गयी है, यह चार साल के अंतराल में छोटी-मोटी उपल​िब्ध​ नहीं है. 

निÑसंदेह यह भाजपा के लिए राज्य में ही नहीं देश में जश्न का विषय है. योगी सरकार का मॉडल आज भाजपा की अन्य राज्य सरकारें भी अपना रही हैं और उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि आज देश में चाहे जहां चुनाव हो रहे हैं योगी का नाम स्टार प्रचारकों की सूची का चहेता नाम है. यह भी अपने आप में उनकी सफलता की मुनादी है. योगी ने देश और दुनिया को यह दिखा दिया कि यदि राजकीय इच्छा शक्ति हो तो असंभव से असंभव काम भी संभव हो सकता है. एक बीमारू राज्य विकास पथ पर दौड़ सकता है और देश के प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकता है. आज उत्तर प्रदेश उसी राह पर है विकास के नए-नए कदम उठ रहे हैं, विपक्ष पस्त है और उत्तर प्रदेश देश के प्रगति में अपनी भूमिका निभाने को तेजी से आगे बढ़ रहा है. विकास की नयी इबारत लिख रहा है. राज्य के कोने-कोने में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यों का डंका बज रहा है। इसमें मुख्यमंत्री योगी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार का भी अहम योगदान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2014 के पूर्व के तीन दशकों में पिछड़ेपन का पर्याय बन गई थी। कारण केंद्र और राज्य में अलग-अलग सरकार रहती थी, जो एक दूसरे के प्रतिस्पर्धी भी थे। एक ओर जहां राज्य में सत्ताधारी दलों के पास विकास का कोई खाका नहीं था तो वहीं दूसरी ओर केंद्र के ओर से भी वैसी कोई रू​िच नहीं दिखाई जाती थी, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ दूसरे पार्टी की सरकारों का कोई लाभ हो। लंबे समय बाद उत्तर प्रदेश में और केंद्र में एक ही दल की सरकार बनी और इसका प्रतिफल राज्य को मिल रहा है। राज्य में विकास के, सुशासन के नए यूग का आगाज हुआ है और उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की राह पर बड़ी तेजी से दौड़ रहा है।अब यह चुनावी वर्ष है इसका फायदा अवश्य भाजपा को मिलेगा।


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