यूके के साथ सीमित व्यापार करार की पहल

UK india

नई दिल्ली

यूके के साथ टेक्सटाइल और क्लोदिंग प्रोडक्ट सहित  की वस्तुओं के लिए सीमित व्यापार करार हेतु केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को समझाने की केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्रालय की पहल स्वागत योग्य है, ऐसा कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल(टेक्सप्रोसिल) के चेयरमैन मनोज पाटोडीया ने कहा कि यूरोपियन देशों में भारत के सबसे बड़े ट्रेडिंग भागीदार के रूप में यूके की गणना होती है। भारत से टेक्सटाइल्स -क्लोदिंग का ईयू क्षेत्र में जो निर्यात होता है, उसमें 24% हिस्सा यूके का है. ईयू से यूके अलग हो गया है, उसके बाद 1 जनवरी 2021 तक में यूके ने 62 देशों के साथ  व्यापार करार कर लिया है। 

इन देशों में हमारे प्रतियोगी देश - बांग्लादेश,  पाकिस्तान, वियतनाम  आदि का समावेश है। इससे अब भारत को अपना बाजार हिस्सा खोना  ना हो तो यथाशीघ्र यूके के साथ सीमित व्यापार करार कर लेना चाहिए। टेक्सप्रोसिल के चेयरमैन मनोज पाटोडीया ने कहा कि भारतीय टेक्सटाइल्स क्लोदिंग उद्योग यूके के साथ शीघ्र मुक्त व्यापार करार (एफटीए) होने के बारे में उत्सुक है। इससे शुल्क मुक्त वातावरण में  अन्य प्रतियोगी देशों के साथ भारत को एकसमान मैदान प्राप्त होगा। यूके की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की स्टेट सेक्रेटरी एलिजाबेथ ट्रूस्ट शीघ्र ही भारत के दौरे पर आ रही हैं। अप्रैल में यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन  के भारत के दौरे पर आने की संभावना है। भारत को सीमित व्यापार करार की चर्चा के लिए इस अवसर का उपयोग करना चाहिए, ऐसा टेक्सप्रोसिल ने कहां है।


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