भारत स्थित अपनी इकाइयों में ईटॉन ने घटाई पानी की खपत

Eaton

नई दिल्ली

 जल प्रबंधन के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी का महत्व रेखांकित करते हुए विद्युत प्रबंधन कंपनी ईटॉन ने राजनांदगांव, नासिक और पिम्परी स्थित अपनी निर्माण इकाइयों में जल-संरक्षण के अनेक उपाय अपनाए हैं। ये सभी उपाय कंपनी द्वारा 2030 तक हसिल करने के लिए निर्धारित किए गए सस्टेनेबिलिटी टार्गेट्स के अनुरूप हैं, जिनमें कंपनी की 10 प्रतिशत विनिर्माण इकाइयों को शून्य-जल निस्सारण इकाई के रूप में प्रमाणित करना शामिल है। शून्य जल निस्सारण इकाई के रूप मान्य किए जाने हेतु विनिर्माण स्थलों को लगातार तीन महीनों तक अपने औद्योगिक अपशिष्ट जल का दो प्रतिशत से कम निस्सारण करना अनिवार्य है। ईटॉन ने अपनी राजनांदगांव वाली साइट पर सीवेज के पानी से दूषित पदार्थों को हटाने तथा फिर से भरे जाने वाले भूमिगत वर्षा-जल संचयन हेतु एक प्रणाली स्थापित करने के लिए पूरी प्रक्रिया में संशोधन करने का काम हाथ में लिया था। नासिक साइट पर पानी की भूमिगत टंकियों की वाटर-प्रूफिंग करके जल-रिसाव बंद किया गया। 


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