'करो या मरो' के मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ेगा भारत


अहमदाबाद

भारतीय क्रिकेट टीम कल यानी गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के चौथे टी20 में भिड़ेगी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में बिना दर्शकों के ही होने वाले इस मैच में उसकी कोशिश वापसी करने की होगी। 

सीरीज में तीन में से दो मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही टीम इंडिया अब इंग्लैंड की मजबूत टीम के के खिलाफ सीरीज बराबर करना चाहेगी। पांच मैचों की सीरीज के तीसरे टी20 में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की और 2-1 से बढ़त बना ली। भारतीय टीम साथ ही चाहेगी कि अगर वह टॉस गंवाती है तो यह मैच के नतीजे में निर्णायक साबित नहीं हो।

मौजूदा सीरीज में अब तक टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने आसान जीत दर्ज की हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली हालांकि लगातार अच्छे प्रदर्शन की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। उनका कहना है इस साल घरेलू सरजमीं पर होने वाले टी20 विश्व कप को देखते हुए टीम लक्ष्य का पीछा करे या पहले बल्लेबाजी करे, उसे अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जो दो मैच गंवाए हैं, उसमें टीम को पावर प्ले में जूझना पड़ा जिसके कारण टीम के अंतिम स्कोर पर असर पड़ा जबकि दोनों ही मैचों में एक बल्लेबाज (क्रमश: श्रेयस अय्यर और विराट कोहली) ने शानदार प्रदर्शन किया।

लोकेश राहुल की खराब फार्म का खामियाजा भी भारत को भुगतना पड़ रहा है लेकिन कोहली स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्नाटक का यह बल्लेबाज और रोहित शर्मा सलामी जोड़ी के रूप में उनकी प्राथमिकता हैं। इंग्लैंड के तूफानी गेंदबाजों मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर ने पहले छह ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। ये दोनों विकेट से अतिरिक्त उछाल हासिल करके भारतीय बल्लेबाजों को दुविधा में डालने में सफल रहे हैं।

तीसरे मैच के बाद कोहली के बयान पर गौर करें तो हार्दिक पंड्या और वॉशिंगटन सुंदर के साथ टीम में एक अन्य ऑलराउंडर को जगह मिल सकती है और वह पदार्पण का इंतजार कर रहे राहुल तेवतिया और अक्षर पटेल में से कोई एक हो सकता है।  कैप्टन कोहली ने तीसरे मैच में 77 रन की धमाकेदार पारी खेलकर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन मेजबान टीम के गेंदबाज विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करने में नाकाम रहे और जोस बटलर ने तूफानी पारी खेलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। भारत ने जब बाद में गेंदबाजी की तो टीम के नंबर एक स्पिनर युजवेंद्र चहल ने दोनों मुकाबलों में रन लुटाए। 

 धोनी भी झारखंड के लिए क्रिकेट खेलते थे, ईशान किशन भी झारखंड के प्‍लेयर हैं। वैसे तो किशन मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं। मगर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई के बीच विवाद के चलते, ईशान किशन ने पड़ोसी राज्‍य झारखंड से खेलना शुरू किया। धोनी की तरह ईशान किशन भी विकेटकीपर बल्‍लेबाज हैं और क्रीज पर खुलकर खेलना पसंद करते हैं। ईशान किशन धोनी के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व दिग्‍गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्‍ट को अपना आदर्श मानते हैं।


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