मुख्यमंत्री ने किया सैनिकों का अपमान: फड़नवीस


मुंबई

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विधानसभा में भाजपा पर चौतरफा हमले के बाद विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने भारतीय सैनिकों का अपमान किया है। वे राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री के जवाब देने के बाद विधानभवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

फड़नवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन के सामने पलायन किया। यह भारतीय सैनिकों का अपमान है। शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे भारतीय सैनिक चीन से लड़ रहे हैं। एक इंच भूमि चीन को नहीं मिलने दी। चीनी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ। फड़नवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसे सैनिकों का अपमान किया है।

फड़नवीस ने कहा कि राम मंदिर के लिए समर्पण निधि पर शिवसेना लगातार टिप्पणी कर रही है। वसूली करने वाले समर्पण निधि के मूल्य को क्या समझेंगे? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने एक घंटे के उत्तर में चीन, पाकिस्तान, अमेरिका, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार की यात्रा की, लेकिन वे महाराष्ट्र पर नहीं बोल सके। ठाकरे को मुख्यमंत्री बने काफी वक्त हो गया है, लेकिन वे चौके के भाषण और सभागृह के भाषण के अंतर को अभी भी समझ नहीं सके। किसानों के एक भी मुद्दे को वे उठा नहीं सके। बोंडअली, बीमा, बिजली कनेक्शन काटने जैसे मसले पर वे कुछ नहीं बोले। महाराष्ट्र के लाखों किसानों को बिजली की आपूर्ति में कटौती करने वाले मुख्यमंत्री, सिंधु सीमा पर किसानों के बारे में चिंतित हैं।

फड़नवीस ने कहा कि वे कहते हैं कि वीर सावरकर को भारत रत्न नहीं मिला, लेकिन वे भूल जाते है कि वे सावरकर को देशद्रोही और समलैंगिक कहने वाले लोगों के साथ बैठे हैं। वीर सावरकर के बारे में यह टिप्पणी कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनने के बाद की है। इसलिए सत्ता के लिए उनके साथ बैठना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सावरकर के लिए उनके प्यार को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बारे में बोलते हुए फड़नवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा वह गलत कहा। वे सच्चाई जानते हैं। उन्होंने अपने भाषण में महाराष्ट्र के किसी भी मुद्दे को नहीं छुआ। उनमें शरजील के बारे बोलने और उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, यह सही था, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक सर संघचालक डॉ हेडगेवार खुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे। यह बात उन्हें पता नहीं। जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के लिए बलिदान दिया। फड़नवीस ने कहा कि आज का भाषण विशुद्ध दिशाहीन था। इसने संपूर्ण महाराष्ट्र को निराश किया। हमने भ्रष्टाचार दिखाया, भ्रष्टाचार को उजागर किया तो हमें महाराष्ट्र द्रोही कहा जाता है। हमारे जरिए भ्रष्टाचार बाहर आया तो महाराष्ट्र बचेगा। अपने भाषण की चीरफाड़ नहीं हो, ऐसे में उन्होंने हमें सभागृह में नहीं बोलने दिया गया।


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