महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे ही हालातः राजनाथ सिंह


नई दिल्ली

मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे परमबीर सिंह की ओर से महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोप को लेकर सियासत पूरी तरह गर्म है। मुंबई से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा है। शरद पवार और उनकी पार्टी के अलावा शिवसेना एवं कांग्रेस देशमुख के बचाव में हैं तो वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए है और उद्धव सरकार पर लगातार हमला बोल रही है।

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि महाराष्ट्र में सरकार पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हैं। सरकार की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लग चुका है। मंत्री को तुरंत मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए। महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी हालात के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि 

महाराष्ट्र में हालात राष्ट्रपति शासन के ही हैं। उन्होंने कहा कि देखते जाइए, आगे क्या-क्या होता है। मुझे लगता है सरकार नहीं चल पाएगी। शिवसेना से फिर से समझौते को लेकर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे इनकार नहीं कर रहे, लेकिन कुछ कह नहीं सकते। भविष्य तय करेगा कि क्या होने वाला है, लेकिन इस समय महाराष्ट्र की सरकार ने अपनी विश्वसनीयता  खो दी है।  

जेपी नड्डा का तंज

महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तंज किया है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा। इस कुनबे ने महाराष्ट्र का कबाड़ा कर दिया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को नैतिकता का परिचय देना चाहिए, लेकिन वह किसी कारण के चलते वह एेसा नहीं कर पा रहे हैं।   मैं उद्धव ठाकरे को कोई सलाह नहीं दूंगा, लेकिन यह नैतिकता का सवाल है उन्हें सोचना चाहिए। यहां केवल मुंबई पुलिस कमिश्नर की बात नहीं है। कई अन्य अॉब्जर्बर्स ने रिपोर्ट दी है। देवेंद्र फड़नवीस जो कागजात देंगे उसे आराम से देखेंगे, लेकिन यह नैतिकता का सवाल है और उसे मुख्यमंत्री को देखना चाहिए।


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